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मुजफ्फरनगर में एक करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह सदस्य कमीशन के लालच में अपने परिचितों और रिश्तेदारों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा रहा था। पुलिस के अनुसार, इन्हीं खातों का उपयोग ठगी गई करोड़ों रुपये की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बुधवार शाम 4 बजे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी शहनवाज उर्फ गुड्डू, निवासी गंगोह (सहारनपुर), कमीशन के लिए साइबर गिरोह से जुड़ा था। पूछताछ में शहनवाज ने स्वीकार किया कि वह अपने रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों की जानकारी गिरोह तक पहुंचाता था।इन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम जमा की जाती थी, जिसे बाद में विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। ठगी का तरीका यह था कि एक पीड़ित को फेसबुक पर ‘गीतिका कपूर उर्फ जीजी’ नाम की महिला ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। दोस्ती के बाद उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और DGXC नामक वेबसाइट पर ऑनलाइन ट्रेडिंग व निवेश के लिए प्रेरित किया गया। आरोपियों ने फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और नकली निवेशकों के माध्यम से पीड़ित का विश्वास जीता। आरोपियों ने पीड़ित से अलग-अलग तारीखों में कुल एक करोड़ एक लाख दो हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया, तो उससे ‘डेटा रिपेयरिंग’, ‘फाइनल वेरिफिकेशन’ और ‘एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रोसेस’ जैसे बहाने बनाकर और पैसे मांगे गए। इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस गिरोह के अब तक छह सदस्य जेल जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, दो अन्य आरोपियों को बी-वारंट पर तलब किया गया है। पुलिस ने ठगी गई रकम में से लगभग 23 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं और पीड़ित के खाते में राशि वापस कराने की प्रक्रिया चल रही है। बैंक खातों की व्यवस्था करने वाले, रकम ट्रांसफर कराने वाले और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को फंसाने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
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कमीशन के लालच में बेचे बैंक खाते:करोड़ों की साइबर ठगी के नेटवर्क का एक और सदस्य गिरफ्तार