गोरखपुर में 6 महीने में 36.73 करोड़ की साइबर ठगी:पुलिस ने महज 4.68 लाख वापस कराएं, गिरफ्तारी तेज, रिकवरी बनी चुनौती


गोरखपुर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2026 में जनवरी से लेकर जून तक जिले में कुल 101 FIR दर्ज किए गए। पुलिस ने 109 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। यहां तक कि 73 मामलें में चार्ज शीट भी दाखिल की गई। हालांकि रकम वापस कराना अब भी चुनौती बनी हुई है। जिले में करीब 36 करोड़ 73 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई। जिसमें अकाउंट फ्रीज 63 लाख के करीब बचा लिए गए। लेकिन पीड़ितों को केवल 4 लाख 68 हजार रुपए ही वापस कराए जा सके। गोरखपुर जोन में 143 केस दर्ज
पूरे गोरखपुर जोन में 143 केस दर् हुए। जिनमें 42 लाख 64 हजार करोड़ रुपए की जालसाजी सामने आई। साइबर थाना पर दर्ज अपराध के आंकड़ों के मुताबिक जिले में छह माह के दौरान साइबर ठगी से करीब 36.73 करोड़ की रकम प्रभावित हुई। अकाउंट फ्रीज कर 63.26 लाख सुरक्षित कराए
इसमें साइबर थाने के 21 मामलों में 4.78 करोड़, जबकि अन्य थानों के 80 मामलों में 31.95 करोड़ की ठगी दर्ज की गई। हालांकि पुलिस ने समय रहते कुछ खातों को फ्रीज कर करीब 63.26 लाख सुरक्षित कराए, लेकिन पीड़ितों को वास्तविक रूप से वापस मिल सकी राशि महज 4.68 लाख रुपये ही रही। 73 मामले में चार्जशीट दाखिल हुई
साइबर थाना की रिपोर्ट बताती है कि साइबर थाने में दर्ज 21 मामलों में 18 की विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल की गई और दो आरोपित गिरफ्तार किए गए। वहीं अन्य थानों में दर्ज 80 मामलों में 107 आरोपियों की गिरफ्तारी और 55 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई। इससे साफ है कि पुलिस की जांच और गिरफ्तारी की रफ्तार बेहतर हुई है, लेकिन साइबर ठगी की रकम वापस दिलाने में अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर शिकायत दर्ज होने, बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कराने और विभिन्न एजेंसियों के बीच तेज समन्वय से रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है। मौजूदा आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने में सफलता मिल रही है, लेकिन पीड़ितों की गाढ़ी कमाई वापस दिलाना अभी भी पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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