Bari SHO Line Attach | Protesters Return Over Jagan Gurjar Murder

कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर जेल में हुई हत्या के बाद धौलपुर के बाड़ी इलाके में रविवार (12 जुलाई) की रात को खड़ा हुआ बड़ा सियासी और सामाजिक गतिरोध आखिरकार आधी रात को खत्म हो गया। जगन गुर्जर की बारहवीं की रस्म के बाद जब 12 दिन बीतने पर भी मांगें प

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माहौल बिगड़ता देख जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। धौलपुर कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और एसपी ने आधी रात को गजपुरा चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को रोककर बात की। 5 प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद प्रशासन ने बाड़ी थानाधिकारी (SHO) देवेंद्र शर्मा को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इसके बाद देर रात ग्रामीण शांत होकर भभूतिपुरा (जगन के गांव) लौट गए।

पहले ये 3 PHOTOS देखिए…

धौलपुर कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और एसपी ने 12 जुलाई की आधी रात को गजपुरा चौराहे पर प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की थी।

धौलपुर कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और एसपी ने 12 जुलाई की आधी रात को गजपुरा चौराहे पर प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की थी।

12 जुलाई की रात धौलपुर के गजपुरा चौराहे पर गुर्जर के समाज के लोगों की प्रशासन के साथ बात हुई।

12 जुलाई की रात धौलपुर के गजपुरा चौराहे पर गुर्जर के समाज के लोगों की प्रशासन के साथ बात हुई।

12 जुलाई की सुबह धौलपुर के डांग क्षेत्र के भभूतिपुरा गांव में जगन गुर्जर का बारहवीं रस्म कार्यक्रम हुआ था। इसी में आंदोलन की घोषणा की गई थी।

12 जुलाई की सुबह धौलपुर के डांग क्षेत्र के भभूतिपुरा गांव में जगन गुर्जर का बारहवीं रस्म कार्यक्रम हुआ था। इसी में आंदोलन की घोषणा की गई थी।

कलेक्टर-एसपी को बुलाने पर अड़े थे ग्रामीण

रविवार सुबह डांग क्षेत्र के भभूतिपुरा गांव में जगन गुर्जर का बारहवीं रस्म कार्यक्रम हुआ था। इसमें दूर-दराज से पहुंचे सैकड़ों लोगों और गुर्जर समाज के लोगों की बैठक हुई। ग्रामीण प्रह्लाद खटाना और रामवीर पोसवाल ने बताया- हत्या के 12 दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी थी।

दोपहर में बाड़ी एडिशनल एसपी श्रवण कुमार और एसडीएम अमित कुमार वर्मा ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन कलेक्टर-एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। रात होते-होते सैकड़ों लोग बाड़ी शहर की तरफ बढ़ने लगे, जिसके बाद गजपुरा चौराहे पर यह आपातकालीन वार्ता हुई।

अजमेर जेल का वो खूनी खेल

कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने एक ही बैरक में बंद जगन गुर्जर का तौलिए से गला दबाकर मर्डर किया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि गर्दन पर आए गंभीर दबाव के कारण जगन की ‘हायोड बोन’ (Hyoid Bone) टूट गई थी, जिससे महज 3 मिनट के भीतर उसकी सांसें थम गई थीं।

जांच पूरी होने तक थानाधिकारी लाइन हाजिर

धौलपुर जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने कहा- ग्रामीणों की मांग पर थानाधिकारी को जांच पूरी होने तक लाइन हाजिर कर दिया गया है। सुरक्षा और जेल शिफ्टिंग की प्रक्रिया भी गति में है। प्रतिनिधिमंडल वार्ता में बनी सहमति के बाद शांतिपूर्ण तरीके से लौट गया है।

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छावनी बना डकैत जगन का गांव, 9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया

डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में हुआ था। मुखाग्नि बेटे आसाराम ने दी। STF की सुरक्षा में उसके तीनों भाइयों को जेल से धौलपुर लाया गया था। यहां अंतिम दर्शन के बाद तीनों को पुलिस वापस ले गई। पढ़ें पूरी खबर…

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