![]()
पीलीभीत जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) धर्मेंद्र कुमार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन पर उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वपूर्ण ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के प्रति लापरवाही बरतने और बिना सूचना मुख्यालय छोड़ने का आरोप है। जिलाधिकारी (डीएम) ज्ञानेंद्र सिंह ने इस अनुशासनहीनता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एएमए से स्पष्टीकरण मांगा है। योगी सरकार के आह्वान पर जिले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण कार्यक्रम निर्धारित था। आरोप है कि एएमए धर्मेंद्र कुमार ने न केवल इस महत्वपूर्ण अभियान से दूरी बनाए रखी, बल्कि रविवार को बिना किसी पूर्व सूचना के जिला मुख्यालय भी छोड़ दिया। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब शहर से सटे बरहा गांव में जिला पंचायत की बदहाल सड़क के निर्माण की मांग को लेकर एक ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति संभालने के लिए एएमए धर्मेंद्र कुमार को फोन किया, तब पता चला कि वे बिना सूचना दिए जिला मुख्यालय से बाहर हैं। अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण प्रशासन को ग्रामीणों को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। गौरतलब है कि एएमए धर्मेंद्र कुमार पहले भी विवादों में रहे हैं। जिला पंचायत की 20 करोड़ रुपये की ई-टेंडरिंग में कथित अनियमितताओं की जांच डीएम द्वारा गठित तीन जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम ने की थी, जिसमें उन्हें दोषी पाया गया था। इसके बाद डीएम ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भी लिखा था। शासन ने इस पूरे मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से सरकार की किरकिरी हो रही है और यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Source link
पीलीभीत में एएमए बिना सूचना मुख्यालय से गैरहाजिर मिले:'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में लापरवाही, डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण