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लखनऊ के गोमती नगर स्थित सीएमएस विशाल खंड सभागार में कृष्ण प्रताप सिंह की जयंती पर 23वीं अध्यात्म चिंतन व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृष्णप्रताप विद्याविन्दु लोकहित न्यास, शिव सिंह सरोज स्मारक समिति और अखिल भारतीय साहित्य परिषद के सहयोग में संपन्न हुआ। समारोह की शुरुआत कृष्ण प्रताप सिंह और अखंड प्रताप सिंह के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य का उद्देश्य केवल शब्दों की रचना करना नहीं, बल्कि समाज को संवेदनशील, संस्कारित और जागरूक बनाना है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को भारतीय संस्कृति, धर्म, सेवा और सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। भक्ति साहित्य भारतीय आध्यात्मिक चिंतन का समृद्ध दस्तावेज सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने ‘संत विवेक-2026’ के विशेषांक की सराहना की, जिसे उन्होंने भक्ति साहित्य, भारतीय आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत का समृद्ध दस्तावेज बताया। उन्होंने डॉ. विद्या विन्दु के संपादकीय की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और भक्ति परंपरा का प्रेरक चित्रण है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि माता-पिता के प्रति सम्मान ही ईश्वर भक्ति का पहला कदम है और यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने साहित्यकारों का अभिनंदन किया और आभार व्यक्त किया। शिव सिंह सरोज स्मारक समिति की अध्यक्ष रमा सिंह ने समाज में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। ये मौजूद रहे इस अवसर पर पद्मश्री अनिल रस्तोगी, डॉ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी, डॉ. दिनेश प्रताप सिंह, चंद्रशेखर वर्मा, डॉ. मांडवी सिंह, सरिता सिंह, डॉ. शुभदा पाण्डेय, डॉ. मीनू खरे, पद्मश्री राम कठिन सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, इन्द्रासन सिंह ‘इन्दु’, अर्चना शुक्ला, हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट तथा डॉ. दिवाकांत मिश्र सहित विभिन्न क्षेत्रों की कई विभूतियों को स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, कई युवा प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान तीन पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।
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कृष्ण प्रताप सिंह जयंती पर 23वीं अध्यात्म चिंतन व्याख्यान माला:विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह रहे मुख्य अतिथि