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उत्तर प्रदेश में इस बार होने वाले पौधरोपण महायज्ञ-2026 में राजधानी लखनऊ और गोमती नदी पर खास फोकस रहेगा। सरकार ने गोमती नदी के किनारे 297 स्थानों पर 31.37 लाख से अधिक पौधे लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए 1,521.50 हेक्टेयर क्षेत्र चिह्नित किया गया है।
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लखनऊ में गोमती तट पर चलेगा विशेष अभियान
राजधानी लखनऊ से होकर गुजरने वाली गोमती नदी के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। विभाग ने गोमती के कैचमेंट क्षेत्र में कई स्थानों को चिह्नित किया है, जहां नदी के दोनों किनारों पर पौधे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य नदी के आसपास हरियाली बढ़ाने के साथ मिट्टी के कटाव को रोकना और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना है।
13 नदियों के किनारे होगा पौधरोपण
प्रदेश सरकार इस अभियान के तहत गंगा, यमुना, गोमती, सरयू, सई, बेतवा, राप्ती, छोटी गंडक, सोन, रामगंगा, केन, हिंडन और चंबल समेत 13 प्रमुख नदियों के कैचमेंट क्षेत्र में पौधरोपण कराएगी। इन नदियों के किनारे पांच किलोमीटर की परिधि में कुल 2,673 स्थानों का चयन किया गया है। यहां 22,240 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में 3.83 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे।
यमुना पहले, गंगा दूसरे और गोमती तीसरे स्थान पर
पौधरोपण के लिहाज से सबसे बड़ा अभियान यमुना नदी के किनारे चलेगा। यहां 647 स्थानों पर 1.08 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद गंगा नदी के 603 स्थानों पर करीब 79.86 लाख पौधे रोपे जाएंगे। तीसरे स्थान पर गोमती नदी है, जहां 297 स्थानों पर 31.37 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
नदियों के संरक्षण पर रहेगा जोर
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नदी किनारे पौधरोपण से हरित क्षेत्र बढ़ने के साथ भू-क्षरण पर रोक लगेगी, भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय जैव विविधता भी मजबूत होगी। विभाग ने अभियान की तैयारियां पूरी कर ली हैं और तय कार्यक्रम के अनुसार सभी चिन्हित स्थानों पर पौधरोपण कराया जाएगा।