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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जन-आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रयागराज मंडल के चारों जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर और कौशाम्बी के लिए 16,015.13 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 3,094 विकास कार्यों को अपनी वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में आयोजित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत परियोजनाओं का शिलान्यास कर धरातल पर निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से शुरू करा दिया जाए। गंगा और यमुना पर नए पुलों की सौगात, सुगम होगा सफर
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रयागराज मंडल की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने वाली कई बड़ी और महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए। सलोरी और बघाड़ा से हेतापट्टी मार्ग पर बनने वाले इस पुल की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि साइट मोबिलाइजेशन का काम पूरा हो चुका है और डिजाइन-ड्राइंग तैयार है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस परियोजना को तय समयसीमा में पूरा किया जाए और आईआईटी (IIT) से आवश्यक तकनीकी परीक्षण कराते हुए इसकी सर्वोच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
पुराने नैनी पुल के समानांतर नया यमुना पुल
करैलाबाग से मड़ौका मार्ग पर प्रस्तावित इस नए पुल की सबसे खास बात यह है कि इसे भविष्य में बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की परिकल्पना है। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा इसके अलाइनमेंट (रास्ते की रूपरेखा) में सुधार के सुझाव दिए गए, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को व्यावहारिक और जनहितकारी दृष्टिकोण से अलाइनमेंट का पुनः परीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। हंडिया से मेजा को जोड़ने वाला महत्वाकांक्षी पुल
हंडिया (लाक्षागृह घाट) को यमुनापार स्थित मेजा (परानीपुर घाट) से जोड़ने वाले इस प्रस्तावित पुल पर विस्तार से चर्चा हुई। यह पुल हंडिया, लाक्षागृह, पृथ्वीपुर, मुगलिया और दुल्लापुर सहित दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे मेजा एवं मिर्जापुर मार्ग से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना का विस्तृत और तकनीकी रूप से सक्षम प्रस्ताव तुरंत तैयार कर आगे बढ़ने को कहा।
शास्त्री पुल पर कांवड़ पथ का निर्माण
आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान शास्त्री पुल पर बढ़ने वाले भारी यातायात के दबाव को देखते हुए, पुल के समानांतर एक विशेष कांवड़ पथ विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव का परीक्षण कर जल्द कदम उठाने के निर्देश दिए ताकि कांवड़ यात्रियों को सुविधा मिले और सामान्य यातायात व व्यापारिक गतिविधियां भी निर्बाध रूप से चलती रहें। चारों जनपदों के लिए विकास कार्यों और बजट का लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री ने चारों जिलों के 3,094 कार्यों की स्वीकृत किए। मंडल के सबसे बड़े जनपद प्रयागराज को 9,668.27 करोड़ रुपये की लागत से 1,168 विकास कार्यों की सबसे बड़ी सौगात मिली है। प्रतापगढ़ के लिए ₹2,053.36 करोड़ की अनुमानित लागत से 1,092 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। फतेहपुर के विकास की रफ्तार बढ़ाते हुए यहाँ ₹3,378.37 करोड़ की लागत से 521 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। कौशाम्बी के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए ₹915.13 करोड़ की लागत से 313 विकास कार्यों को हरी झंडी दिखाई गई है। जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता तय करने के निर्देश
बैठक की शुरुआत में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने पिछले वर्ष की स्वीकृत परियोजनाओं की मौजूदा प्रगति की जानकारी दी और वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा-वार प्रस्तावित कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज मंडल की सभी 28 विधानसभा सीटों (प्रयागराज की 12, प्रतापगढ़ की 7, फतेहपुर की 6 और कौशाम्बी की 3) से प्राप्त प्रस्तावों की क्रमवार समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद सभी सांसदों और विधायकों से सीधा संवाद कर उनके महत्वपूर्ण सुझाव और जमीनी फीडबैक लिए।
उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें। जो निर्माण कार्य सबसे अधिक जरूरी हो, उसका प्रस्ताव सबसे पहले दें। यदि किसी प्रस्ताव में कोई संशोधन या नया सुझाव देना हो, तो उसे भी तत्काल उपलब्ध कराएं ताकि समय पर मंजूरी दी जा सके। विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, होगी सतत निगरानी
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासनों को सख्त लहजे में सचेत किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की शिथिलता या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के गांवों और उनके क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और उनका निर्माण मानकों के अनुरूप हो। सभी परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनीटरिंग (निगरानी) के लिए एक सुदृढ़ तंत्र विकसित करने की हिदायत दी गई है ताकि सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे हो सकें। बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी, फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल, भदोही सांसद विनोद कुमार बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. बीके सिंह और प्रयागराज के महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी उपस्थित रहे। इसके अलावा शहर पश्चिम विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह, विधायक हर्ष वर्धन वाजपेयी, विधायक दीपक पटेल आदि थे। प्रशासनिक स्तर पर प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा, नगर आयुक्त सीलम सांई तेजा, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के उपाध्यक्ष ऋषिराज और पीडब्ल्यूडी के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
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16,000 करोड़ से अधिक की 3,094 विकास परियोजनाओं को मंजूरी:महाकुंभ से पहले बदलेगी प्रयागराज की सूरत; गंगा-यमुना पर नए पुल, 15 अगस्त तक शुरू होंगे कार्य