चंदा नहीं, चढ़ावा चोरी हुआ… कोर्ट मत जाइए:बलिया के ज्योतिषाचार्य बोले- रसीद और अकाउंट भेजिए, चंदा हम लौटा देंगे; 1.11 लाख का चेक काटा


दिग्विजय सिंह कोर्ट जाने की जरूरत नहीं है। अपना अकाउंट नंबर और चंदे की रसीद भेज दें, मैंने उनके नाम 1 लाख 11 हजार रुपए का चेक तैयार कर दिया है। मंदिर चंदे से बन चुका है, चोरी चंदे की नहीं, चढ़ावे की हुई है। जो दोषी होगा उसे सजा मिलेगी, लेकिन सनातन की आस्था पर चोट बर्दाश्त नहीं होगी।”
अयोध्या चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर बलिया के ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद उपाध्याय ने पलटवार किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिग्विजय सिंह को चंदा लौटाने की पेशकश की और कहा कि इस पूरे मामले में भ्रम फैलाया जा रहा है। उनका दावा है कि मंदिर निर्माण के लिए लिया गया चंदा पहले ही उपयोग हो चुका है, विवाद चढ़ावे का है, न कि चंदे का। बलिया के अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद उपाध्याय ने मीडिया के सामने 1 लाख 11 हजार रुपए का चेक दिखाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह यदि अपना बैंक अकाउंट और चंदे की रसीद उपलब्ध करा दें तो यह राशि उन्हें भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग राम मंदिर निर्माण के लिए दिए गए चंदे को वापस मांग रहे हैं, उनके लिए कोर्ट जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। चंदे की वापसी की पूरी व्यवस्था की जा चुकी है। देखें 2 तस्वीरें…
अब विस्तार से जानें पूरा मामला शनिवार शाम साढ़े चार बजे अग्रवाल धरमशाला में प्रेसवार्ता के दौरान पंडित उपाध्याय ने कहा, कि पूरे विवाद को गलत तरीके से चंदा चोरी बताकर सनातन समाज को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण चंदे से पूरा हो चुका है, जबकि वर्तमान विवाद मंदिर में आए चढ़ावे से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि चढ़ावे में किसी तरह की चोरी या गड़बड़ी हुई है, तो यह गंभीर अपराध है और जो भी दोषी होगा, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक इस मामले की जांच के लिए समिति गठित की जा चुकी है और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। ज्योतिषाचार्य ने कहा कि श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। मंदिर निर्माण के दौरान देशभर के लोगों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ चंदा दिया था। ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी कर सनातन समाज की भावनाओं को आहत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं बस्ती के निवासी हैं और अयोध्या में भी रहते हैं। इसी कारण उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोगों के बीच फैली गलतफहमी दूर करने का प्रयास किया है। 3 जुलाई को दिग्विजय सिंह ने वापस मांगा था चंदा बीती 3 जुलाई को दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश में कहा था कि मैने 1,11,000 दान दिए थे। मैं बोलूंगा मेरा चंदा वापस दिया जाए। देखिए आप जो चंदा मैंने दिया था उसका दुरुपयोग इन्होंने किया है। लूट के ले गए हैं तो मुझे ये चंदा वापस दिया जाए और रामालय ट्रस्ट हमारा बनाया हुआ है। उसको मैं उस में रामालय ट्रस्ट में जमा करा दूंगा। इसकी शिकायत हम कोर्ट में करेंगे। थाना तो भाजपा का है। चंपत राय पर बोले- ‘अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी’ प्रेस वार्ता के दौरान पंडित विनोद उपाध्याय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उनकी चंपत राय के बारे में अच्छी राय रही है और वह कई धार्मिक आयोजनों में उनके साथ रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था से जुड़ा है। इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए। ————————————-

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