मुख्तार को शहीद कहना शहीदों का अपमान:मऊ में भाजपा नेता अशोक सिंह बोले- 5 बार विधायक होने से कोई देवता नहीं बन जाता


सपा सांसद अफजाल अंसारी ने मुख्तार अंसारी को ‘शहीद’ बताए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मऊ सदर सीट से पूर्व विधायक भाजपा प्रत्याशी अशोक सिंह ने इस बयान को शहीदों का अपमान करार दिया। उन्होंने यह प्रतिक्रिया अपने निजी आवास पर दोपहर 3 बजे दी। विधानसभा चुनाव 2022 में अब्बास अंसारी के सामने बीजेपी के उम्मीदवार रह चुके हैं अशोक सिंह मुख्तार अंसारी परिवार के विरोधी माने जाते हैं। अशोक सिंह ने कहा कि किसी अपराधी या माफिया को शहीद कहना उन महान वीरों का अपमान है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों की तुलना किसी अपराधी से नहीं की जा सकती। उन्होंने अपने बयान में ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान, शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, अशफाकउल्ला खां और वीर अब्दुल हमीद जैसे स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों का उदाहरण दिया। अशोक सिंह ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान ने देश सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। भाजपा नेता अशोक सिंह ने अफजाल अंसारी के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने ब्रिगेडियर उस्मान को अपना नाना बताया था। अशोक सिंह ने कहा कि ब्रिगेडियर उस्मान ने विवाह नहीं किया था, इसलिए इस रिश्ते की संभावना पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। अशोक सिंह ने मुख्तार अंसारी के पांच बार विधायक चुने जाने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इससे कोई व्यक्ति जनता का देवता नहीं बन जाता। उन्होंने मऊ सदर विधानसभा के विकास के लिए मुख्तार अंसारी द्वारा किए गए बड़े कार्यों का हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गांवों में प्रवेश द्वार बनवाने के अलावा कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं हुआ। अशोक सिंह ने मुख्तार अंसारी के आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि वह निर्दोष होते तो वर्षों तक जेल में नहीं रहते। अशोक सिंह के अनुसार, मुख्तार करीब 16-17 वर्षों तक विभिन्न मामलों में जेल में रहे और वर्ष 2017 से पहले भी लंबे समय तक कारावास में थे। उन्होंने तर्क दिया कि यदि उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं होता तो न्यायालय उन्हें राहत दे देता। भाजपा नेता ने अंत में कहा कि एक ओर मुख्तार अंसारी को जनता का देवता बताया जाता है और दूसरी ओर उनकी दबंग छवि का उल्लेख किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। किसी माफिया को “शहीद” बताना देश के वास्तविक शहीदों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला बयान है।

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