माधवपुरम के लिए लखनऊ से आया 8MVA का ट्रांसफार्मर फेल:दिनभर पीवीवीएनएल के अफसर ट्रांसफार्मर लगवाने में जुटे रहे, लोगों ने किया हंगामा


माधवपुरम के लिए लखनऊ से मंगाया गया 8 MVA का ट्रांसफार्मर कई घंटे की मशक्कत के बाद फेल हो गया। देर रात तक चीफ इंजीनियर से लेकर जेई तक सभी माधवपुरम सब स्टेशन पर डटे रहे। बाद में हाईड्रा मंगाया गया। फेल ट्रांसफार्मर को हटाकर वापस अस्थाई ट्रांसफार्मर लगवाया गया ताकि रात की आपूर्ति बहाल की जा सके। माधवपुरम बिजली घर से जुड़ा एक बड़ा इलाका पिछले करीब 20 दिनों से बिजली आपूर्ति की समस्या से जूझ रहा है। फाल्ट पर फाल्ट हो रहे हैं। लोड अधिक होने के कारण ट्रांसफार्मर बार बार फुक रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल रहा। दो दिन पहले भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा ने चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा का घेराव कर समस्या के स्थाई समाधान की मांग उठाई, जिसके बाद लखनऊ से तीन ट्रांसफार्मर मेरठ के लिए रवाना हो गए। 8MVA का ट्रांसफार्मर माधवपुरम के लिए
मंगलवार रात लखनऊ से मेरठ तीन ट्रांसफार्मर पहुंचे। इनमें दो छोटे और एक बड़ा ट्रांसफार्मर शामिल था। यह बड़ा ट्रांसफार्मर जिसकी क्षमता 8MVA थी, वह माधवपुरम के लिए भेजा गया था। करीब आठ घंटा इस ट्रांसफार्मर की व्यवस्था तैयार करने में लगे लेकिन जैसे ही उसे चालू किया गया, वह फेल हो गया। सुबह 12 बजे शुरु हुआ इंस्टालेशन का कार्य
8MVA को पहले बुधवार सुबह 9 बजे से लगाया जाना था लेकिन बारिश के चलते काम देरी से शुरु हुआ। दोपहर करीब 12 बजे माधवपुरम बिजली घर पर ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरु हुआ। इसी क्षेत्र की समस्या को लेकर चीफ का घेराव किया गया था, इसलिए चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा अपने साथ SE को लेकर माधवपुरम पहुंच गए। दोपहर से रात तक यह अफसर ट्रांसफार्मर लगवाने में व्यस्त रहे लेकिन शाम को पूरी मेहनत चौपट हो गई। यह इलाका हो रहा बुरी तरह प्रभावित
चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि माधवपुरम प्रथम से जितने इलाके जुड़े हैं, वहां की बिजली आपूर्ति सामान्य है लेकिन माधवपुरम दो से गणेशपुरी, खुशहाल नगर, शिव शक्ति नगर जैसे इलाके जुड़े हैं जहां सुबह से आपूर्ति नहीं पहुंची है।
लोगों का कहना है कि उनके घर पर पानी नहीं है। अंधेरे में खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। छोटे छोटे बच्चे हों या फिर बुजुर्ग भीषण गर्मी से परेशान हैं। रात में दोबारा मंगाया गया हाइड्रा
ट्रांसफार्मर के फेल हो जाने के बाद देर रात फिर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। अफसरों को उनकी नाराजगी झेलनी पड़ी। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो थाना पुलिस को पहुंचना पड़ा। उन्होंने ही भीड़ को समझाया और शांत किया।
इसके बाद हाईड्रा मंगाकर लखनऊ से आए ट्रांसफार्मर को हटवाया गया। देर रात तक वहां अस्थाई ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी थे। चीफ इंजीनियर का कहना था कि वह आपूर्ति बहाल करके ही लौटेंगे।

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