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जब मरीज और उसके परिजनों की उम्मीदें टूटने लगती हैं, तब डॉक्टर ही नई आशा की किरण बनकर उनके सामने खड़े होते हैं। चिकित्सक केवल बीमारी का इलाज नहीं करते, बल्कि अपने व्यवहार, संवेदनशीलता और समर्पण से मरीजों का आत्मविश्वास भी लौटाते हैं। यह बातें डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कही। बुधवार को रिवर बैंक कालोनी स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से डॉक्टर्स डे पर कार्यक्रम हुआ। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि डॉक्टर केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। मरीज दर्द और तकलीफ में अस्पताल पहुंचता है। ऐसे समय में डॉक्टर की संवेदनशीलता, धैर्य और सकारात्मक व्यवहार उसके इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। इसलिए हर डॉक्टर को मरीजों के प्रति सहानुभूति और सेवा भाव के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। विधायक ने भी किया संबोधित विधायक डॉ.नीरज बोरा ने कहा कि डॉक्टरों का समर्पण लाखों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाता है। समाज में चिकित्सकों का सम्मान इसलिए है, क्योंकि वे दिन-रात लोगों की जान बचाने के लिए काम करते हैं। उनसे अपेक्षा है कि वे अपने ज्ञान और अनुभव के साथ मानवीय मूल्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दें। डॉक्टर सेवा, संवेदनशीलता और नैतिकता को अपनी सबसे बड़ी पहचान बनाएं। मरीजों की पीड़ा को कम करना ही डॉक्टर के पेशे का सबसे बड़ा धर्म है। यही समाज के प्रति उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी है। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने डॉ. अजय तिवारी समेत अन्य डॉक्टरों को सम्मानित किया।
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लखनऊ- डॉक्टर्स डे पर डॉक्टरों का सम्मान:डिप्टी सीएम बोले- डॉक्टर सिर्फ इलाज नहीं, मरीजों में नई उम्मीद भी जगाते हैं