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IPL के चेयरमैन रहे ललित मोदी ने गाजियाबाद के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को 1 दशक बाद भी ना बनने पर सवाल खड़े किए है। BCCI ने UPCA 22.60 करोड़ की रकम की अदा की। यह रकम 10 साल पहले दी गई। जिस जगह स्टेडियम प्रस्तावित है वो डूब क्षेत्र है, हिंडन एयरबेस के लो लेवल फ्लाइंग जोन में आता है। उन्होंने मिडिल मैन की भूमिका पर सवाल खड़े किए है। इस स्टेडियम का 5 बार भूमिपूजन और शिलान्यास भी हो चुका है। यह वेस्ट यूपी में पहला इंटरनेशल क्रिकेट स्टेडियम होगा। राजनगर एक्सेंटशन में है प्रस्तावित राजनगर एक्सटेंशन में यह स्टेडियम प्रस्तावित है। नजदीक में हिंडन नदी का डूबा क्षेत्र है। साथ ही यहां पर हिंडन एयरबेस का फ्लाइंग जोन भी है। लेकिन धरातल पर इसका कोई आम नहीं हुआ। कभी यहां के नेता और सांसद इसे राष्ट्रीय स्तर का बताते तो कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और यूपीसीए ने स्टेडियम के डिजाइन में बड़ा बदलाव करते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रजेंटेशन के लिए तैयार किया है। जिसके बार सीएम के यहां से इसकी आगे के यहां रखा जाएगा। सीएम की मंजूरी मिलते ही साइन होगा MOU गाजियाबाद विकास प्राधिकरण यूपीसीए के साथ संयुक्त रूप से स्टेडियम निर्माण को मंजूरी दे चुका है। जहां जमीन और निर्माण और संचालन में दोनों की 50 -50 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। CM योगी की स्वीकृति मिलते ही दोनों संस्थाओं के बीच एमओयू साइन किया जाएगा और नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होगी। करीब 200 बीघा जमीन पर बनाया जाना है इसका क्षेत्रफल 33 एकड़ यानी 200 बीघा जमीन पर होगा। इसकी क्षमता 30 हजार दर्शकों से लेकर 40 हजार तक की क्षमता होगी। स्टेडियम का निर्माण माडल पीपीपी मोड तर्जपर होगा। इसमें 2500 वाहनों की पार्किंग अलग से बनाई जाएगी। इसकी लागत करीब 450 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसका भूमि पूजन सीएम योगी ने 2019 में किया था। 2024 में शिलान्यास भी हुआ। लेकिन अड़चनों के चलते इस पर काम शुरू नहीं हो सका।
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भूमि पूजन और शिलान्यास के बाद भी नहीं बना स्टेडियम:IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने गाजियाबाद के स्टेडियम पर उठाए सवाल