महोबा में बच्चे को सांप ने काटा:परिजन सांप को डिब्बे में लेकर अस्पताल पहुंचे, जान बची


महोबा के करहरा कलां गांव में एक 9 वर्षीय बच्चे को सांप ने काट लिया। परिजनों ने झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने के बजाय सांप को एक डिब्बे में बंद कर सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और परिजनों की सूझबूझ से बच्चे की जान बच गई। यह घटना महोबा सदर तहसील के करहरा कलां गांव की है। बबलू का 9 वर्षीय बेटा यश घर के दरवाजे पर खेल रहा था, तभी लकड़ियों के पीछे छिपे एक सांप ने उसके पैर में काट लिया। बच्चे के चिल्लाने पर उसकी मां राजकुमारी और परिवार के अन्य सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे।
परिवार ने समय बर्बाद न करते हुए या किसी तांत्रिक के पास जाने के बजाय एक समझदारी भरा निर्णय लिया। उन्होंने सांप को पकड़ा, उसे एक पन्नी में बंद किया और सीधे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। अस्पताल पहुंचकर मां ने डॉक्टर को सांप दिखाया ताकि सही जहर की पहचान हो सके। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर यतेंद्र पुरवार ने बिना समय गंवाए सांप को देखा और उसी आधार पर मासूम यश का तुरंत इलाज तथा ब्लड सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और परिजनों की सूझबूझ के कारण अब बच्चा खतरे से बाहर है और उसका उपचार जारी है। इस घटना के बाद जिला अस्पताल के डॉक्टर यतेंद्र पुरवार ने लोगों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में नमी बढ़ने के कारण सांप अक्सर बाहर निकल आते हैं। इसलिए बच्चों को अंधेरे में न जाने दें और खेतों में जाते समय पूरी सावधानी बरतें व जूते जरूर पहनें। डॉक्टर ने यह भी कहा कि अक्सर सांप के काटने पर लोग जहर से कम और दहशत या घबराहट से ज्यादा दम तोड़ देते हैं। ऐसे में झाड़-फूंक के जाल में फंसकर समय बर्बाद करने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लाना चाहिए, जहां एंटी-स्नेक वेनम पूरी तरह उपलब्ध है।

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