Rituals Vital for Hindu Marriage, Registration Alone Insufficient

  • Hindi News
  • National
  • Gujarat High Court: Rituals Vital For Hindu Marriage, Registration Alone Insufficient

अहमदाबाद10 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
गुजरात हाईकोर्ट ने फर्जी शादी मामले में फैसला सुनाया। - Dainik Bhaskar

गुजरात हाईकोर्ट ने फर्जी शादी मामले में फैसला सुनाया।

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट बन जाने से हिंदू विवाह नहीं माना जा सकता। शादी उसी स्थिति में मानी जाएगी, जब हिंदू मैरिज एक्ट के तहत तय रीति-रिवाज पूरे किए गए हों। जिन समुदायों में सात फेरे की परंपरा है, वहां उनके बिना विवाह पूरा नहीं माना जाएगा।

जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छानी की खंडपीठ ने कहा कि मैरिज सर्टिफिकेट केवल पहले से हुई शादी का रिकॉर्ड होता है। वह अपने आप किसी विवाह को मान्यता नहीं देता।

मामला ब्रिटेन में रहने वाले एक व्यक्ति की अपील से जुड़ा है। उसका आरोप है कि अहमदाबाद की एक महिला ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे डॉक्यूमेंट्स पर साइन लेकर फर्जी तरीके से मैरिज सर्टिफिकेट बना लिया। दोनों के बीच कभी शादी नहीं हुई।

महिला ने भी माना- शादी की रस्में नहीं हुईं

सुनवाई के दौरान महिला ने फैमिली कोर्ट में माना कि शादी की कोई रस्म नहीं हुई थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि दोनों कभी पति-पत्नी की तरह साथ नहीं रहे।

इसके बावजूद फैमिली कोर्ट ने सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट के आधार पर व्यक्ति की अर्जी खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने यह आदेश रद्द करते हुए कहा कि जब शादी की जरूरी रस्में ही नहीं हुईं, तो सिर्फ रजिस्ट्रेशन के आधार पर उसे हिंदू विवाह नहीं माना जा सकता।

फैमिली कोर्ट ने व्यक्ति की अर्जी को खारिज कर दिया था।

फैमिली कोर्ट ने व्यक्ति की अर्जी को खारिज कर दिया था।

कोर्ट बोला- शादी सिर्फ कानूनी औपचारिकता नहीं

  • हाईकोर्ट ने हिंदू मैरिज एक्ट की धारा-7 का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू विवाह तभी माना जाएगा, जब कानून और संबंधित समुदाय की परंपरा के मुताबिक जरूरी रस्में पूरी की गई हों।
  • अदालत ने कहा कि हिंदू परंपरा में विवाह सिर्फ कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संस्कार है। यह दो लोगों के साथ एक नए परिवार की शुरुआत का आधार भी है। इसलिए विवाह के महत्व और उसकी जिम्मेदारियों को समझकर ही इस रिश्ते में प्रवेश करना चाहिए।

——————-

ये खबर भी पढ़ें…

गुजरात HC बोला-मायके गई पत्नी को थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं: अत्याचार साबित करने को मारपीट के ठोस सबूत चाहिए; पति को आरोपों से बरी किया

गुजरात हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि पत्नी के बिना बताए मायके में रात रुकने पर पति द्वारा थप्पड़ मारने की एक घटना को क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने एक पुराने मामले में पति को आरोपों से बरी कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.