पुणे में 18 जून को केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। मूल रूप से जोधपुर के पलासनी गांव का रहने वाला चेतन चौधरी का परिवार पुणे में रहता है।
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जोधपुर में रहने वाले चेतन के कुछ दोस्तों ने बताया कि चेतन के पिता की दुकान (किराना) के सामने सिया गोयल के पिता का ऑफिस है। चेतन पुणे में ही पढ़ाई करता था। कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ वह क्रिकेट भी खेलता था। इस दौरान वह (चेतन) सिया के भाई साहिल के संपर्क में आया।
इसके बाद सिया से दोस्ती हुई। दोनों उदयपुर और जोधपुर भी घूमने आए थे। इस दौरान जोधपुर में चेतन के दोस्तों ने उसे सिया के साथ देखा था। चेतन ने अपने दोस्तों को बताया था कि वह और सिया रिलेशनशिप में हैं। जल्द ही शादी करेंगे।
चेतन कई बार सिया को मारवाड़ी महिलाओं के पहनावे और राजस्थान के कल्चर से जुड़ी रील्स दिखाता था। उसने (चेतन) दोस्तों को बताया था कि सिया और वह शादी के बाद उदयपुर या जोधपुर में शिफ्ट हो जाएंगे। इसके लिए सिया अपने परिवार से पैसों का इंतजाम कर लेगी।
चेतन ने केतन हत्याकांड से दो-तीन महीने पहले से समाज के लोगों और दोस्तों से मिलना भी बंद कर दिया था। इस मामले में पुणे पुलिस सिया और चेतन के मोबाइल डाटा की रिकवरी कर सर्च हिस्ट्री का पता लगा रही है।

सिया और चेतन का वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं।
रिश्तेदार के घर रह रहा चेतन का परिवार
पुणे में मार्केट यार्ड नाम के इलाके में जोधपुर के पलासनी गांव के चेतन के पिता बाबूलाल सीरवी की दुकान है। 25 जून से दुकान बंद है। चेतन का परिवार पुणे स्थित अपने घर को छोड़ दिया है। सभी अपने रिश्तेदार के घर जाकर रह रहे हैं।
इलाके में अधिकांश दुकानें मारवाड़-मेवाड़ के लोगों की हैं। यहां वे ड्राइफ्रूट और किराना का बिजनेस करते हैं। मार्केट में पाली, जोधपुर, नागौर, उदयपुर, जालोर-सिरोही के लोगों का व्यापार है। वे परिवार के साथ मार्केट में दुकान के ऊपर ही रहते थे।
केतन अग्रवाल की हत्या के बाद 27 जून को पुणे में कैंडल मार्च निकाला गया था। इस घटना के बाद मार्केट यार्ड (पुणे) के अधिकांश व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोली हैं। मार्केट में दिन–रात पुलिस का पहरा है। घटना सामने आने के बाद से लोग चेतन को लेकर गुस्से में हैं। इस वजह से पुणे में मारवाड़ी लोगों के खिलाफ माहौल गरम है। वहां रह रहे राजस्थानी लोगों में भय व दहशत है।

चेतन के पिता का बिजनेस कोविड के बाद कमजोर हो गया था। चेतन पढ़ाई छोड़कर मार्केट यार्ड इलाके में पिता की दुकान संभालने में मदद करने लगा था।
अभी माहौल गरम, कुछ बोले तो पुलिस-पब्लिक का डर
पुणे के मार्केट यार्ड में 40 साल से बिजनेस कर रहे सोजत (पाली) के 65 साल के व्यक्ति ने बताया कि पुणे में काफी मारवाड़ी हैं। कई बार पहले भी हत्या, लूट और चोरी जैसे मामले में मारवाड़ के लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
लेकिन केतन हत्याकांड के बाद लोकल व मारवाड़ी लोगों के बीच खाई बनती जा रही है, जिसे ठीक होने में समय लगेगा। यहां रहने वाले बाली (पाली) के 35 साल के व्यक्ति ने बताया कि 27 जून को इस केस से आक्रोशित लोगों ने कैंडल मार्च निकाला था।
कैंडल मार्च में मारवाड़ी लोग भी शामिल हुए, लेकिन अभी तक माहौल गरम है। इसलिए चेतन-सिया और उसके परिवार के बारे में कोई भी खुलकर नहीं बोल रहा है।

पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में सिया के पापा का ऑफिस है, जो बंद पड़ा है।
दोनों के परिवार वालों को रिश्ते की जानकारी थी
पुणे पुलिस की ओर से रिमांड में की गई पूछताछ में सामने आया है कि सिया और चेतन के रिश्ते की जानकारी दोनों परिवार को थी। सिया के परिवार ने केतन हत्याकांड के बाद चेतन के परिवार को घटना के बारे में बताया था। हालांकि उस वक्त तक दोनों परिवार को यह नहीं पता था कि केतन की हत्या में सिया या चेतन शामिल हैं।
केतन हत्याकांड में कब क्या हुआ?

31 मई : सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा
11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया
सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया
सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया
19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।

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