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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मर्चेंट नेवी में कार्यरत एक कर्मचारी सुशांत पांडेय के पासपोर्ट की जब्ती पर अस्थायी रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। याची के विरुद्ध जनपद जौनपुर के थाना सरपतहा में वर्ष 2017 में धारा 323 और 325 आईपीसी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है, जो न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, जौनपुर की अदालत में विचाराधीन है। पासपोर्ट नवीनीकरण के समय पांडेय को इस लंबित मुकदमे की जानकारी नहीं थी, इसलिए वे संबंधित अदालत से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं ले सके। इससे पहले याची ने याचिका दाखिल की थी, जिसे 26 फरवरी 2026 को इस निर्देश के साथ निस्तारित किया गया था कि क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर विचार कर निर्णय लें। याचिकाकर्ता ने 12 मार्च 2026 को नोटिस का जवाब भी दिया, लेकिन अधिकारियों ने आपत्तियों पर विचार किए बिना ही 4 जून 2026 को पासपोर्ट जब्त कर लिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याची अमेरिका में हैं और उन्होंने कार्गो जहाज से अमेरिका से सिंगापुर होते हुए भारत वापसी का टिकट बुक किया है, जो आज ही रवाना होना है। पासपोर्ट जब्त होने की स्थिति में वे भारत लौट ही नहीं पाएंगे। खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, लखनऊ के 4 जून 2026 के जब्ती आदेश पर तत्काल रोक लगा दी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह रोक केवल याचिकाकर्ता की भारत वापसी तक ही सीमित रहेगी और बिना न्यायालय की अनुमति के वे किसी अन्य देश की यात्रा नहीं कर सकते। भारत पहुंचने के बाद याचिकाकर्ता को संबंधित आपराधिक न्यायालय से अनुमति लेनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।
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मर्चेंट नेवी कर्मचारी के पासपोर्ट की जब्ती पर रोक:जौनपुर में दर्ज हुए थे केस, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी लखनऊ के आदेश पर रोक