मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय निर्माण पर प्रशासन सख्त:मिर्जापुर में मंडलायुक्त-डीएम ने किया निरीक्षण, ठेका निरस्त करने की चेतावनी


मिर्जापुर में निर्माणाधीन मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय के कार्यों की धीमी प्रगति पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने विश्वविद्यालय परिसर का औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कार्यदायी संस्था को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए और लापरवाही मिलने पर ठेका निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई। रविवार को विंध्याचल मंडल के आयुक्त राजेश प्रकाश और जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्माणाधीन विभिन्न भवनों का जायजा लेते हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और धीमी गति पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक भवन और लाइब्रेरी ब्लॉक सहित विभिन्न निर्माणाधीन परिसरों का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि कई भवनों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा से पीछे चल रहा है। मौके पर श्रमिकों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम मिली, जिससे फिनिशिंग कार्य की गति संतोषजनक नहीं पाई गई। अधिकारियों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, ड्रेनेज व्यवस्था, विद्युतीकरण और पेयजल व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही प्रगति रिपोर्ट और निर्माण कार्यों से संबंधित अभिलेख तलब कर विस्तृत जानकारी ली गई। निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने भी कार्यदायी संस्था को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्माण कार्यों में लापरवाही पाई गई तो संबंधित ठेका निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कार्यदायी संस्था को श्रमिकों की संख्या दोगुनी करने और दो शिफ्टों में निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत सब-स्टेशन, पेयजल व्यवस्था और पहुंच मार्ग का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय से मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र जनपदों के कुल 169 महाविद्यालय संबद्ध होंगे। विश्वविद्यालय में कृषि, निर्यात, जीआई उत्पाद और कौशल विकास से जुड़े पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित करने की भी योजना है, जिससे विंध्य क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। निरीक्षण के दौरान 11 हजार पौधरोपण अभियान के तहत मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने परिसर में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी मड़िहान अनेग सिंह, तहसीलदार आशीष पांडे, जिला सूचना अधिकारी ओमप्रकाश उपाध्याय, लोक निर्माण विभाग, जल निगम तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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