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मोहर्रम पर शहर में बड़ी इमामबारगाह जाफर नवाज से पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस प्रमुख मार्गों से होता हुआ पुराना घास कांटा स्थित करबला पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे रास्ते “या हुसैन”, “या अब्बास”, “नाराए हैदरी” और “अल्लाहु अकबर” की सदाओं से माहौल गूंजता रहा। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नौहाखानी और मातम के जरिए करबला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस में ऊंट, घोड़े, झोटा बुग्गी, शबीह अलम, ताजिया और फूलों से सजे जुलजनाह आकर्षण का केंद्र रहे। रास्तेभर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और करबला के शहीदों को याद करते हुए अकीदत पेश की। करबला का संदेश इंसानियत और न्याय की मिसाल चौक फव्वारा स्थित जामा मस्जिद कलां में आयोजित कार्यक्रम में हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैय्यद तहकीक हुसैन रिजवी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी इंसानियत, सच्चाई और न्याय की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि करबला का संदेश आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है। अखाड़ों में दिखे पारंपरिक करतब मोहर्रम के अवसर पर जिलेभर में अखाड़ों का भी आयोजन किया गया। खिलाड़ियों ने लाठी और अन्य पारंपरिक खेलों के जरिए अपने कौशल का प्रदर्शन किया। निर्धारित रूटों पर निकले अखाड़ों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा। आग पर चलकर किया मातम रात में शब्बेदारी के दौरान अंजुमन इमामिया, अंजुमन अकबरिया और सोगवारे अंजुमन अकबरिया के सदस्यों ने आग पर नंगे पैर चलकर मातम किया। शाम-ए-गरीबा की मजलिस में करबला के बाद की घटनाओं का बयान सुनकर अकीदतमंद भावुक हो उठे और शहीदों को याद किया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, देर रात तक चला कार्यक्रम मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया था। सभी कार्यक्रम निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संपन्न हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद शिया समुदाय की ओर से जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, मीडिया, सिविल डिफेंस, सर्वधर्म एकता मंच और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। करबला प्रबंधक सैय्यद तालिब जैदी ने जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी निभाई। देर रात तक सभी कार्यक्रम सकुशल संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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सहारनपुर में मोहर्रम पर हसन-हुसैन की शहादत याद की:मातमी जुलूस और अखाड़े निकले, पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद