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बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मल्टीलिंगुअल स्टडीज (COEMS) द्वारा संचालित सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए गुरुवार को काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित की गई। बदलते वैश्विक रोजगार बाजार में विदेशी भाषाओं के ज्ञान की बढ़ती मांग के कारण इन पाठ्यक्रमों में छात्रों की दिलचस्पी बढ़ी है। विश्वविद्यालय परिसर के मानविकी विभाग में आयोजित इस काउंसलिंग में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को बुलाया गया। प्रवेश प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों के शैक्षिक और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।शिक्षाविदों का मानना है कि वर्तमान दौर में विदेशी भाषाओं का ज्ञान केवल एक अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि रोजगार का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। भाषा विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही बहुराष्ट्रीय कंपनियों, पर्यटन उद्योग, अनुवाद सेवाओं, दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भाषा विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी ढंग से विश्वविद्यालय के प्रवेश नियमों के अनुसार की जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुरूप आरक्षण की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।इन पाठ्यक्रमों की वार्षिक फीस भी किफायती रखी गई है। सर्टिफिकेट कोर्स के लिए 8,850 रुपये और डिप्लोमा कोर्स के लिए 17,200 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें बीमा और रिफंडेबल कॉशन मनी भी शामिल है।
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विदेशी भाषाओं की बढ़ी मांग:रूहेलखंड विवि में दाखिले को छात्रों की बढ़ी रुचि