मुंबई/बेंगलुरु18 मिनट पहले
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ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने ज्वेलरी बनाने वाली कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर्स से जुड़े मुंबई और बेंगलुरु के 9 ठिकानों पर छापेमारी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसी ने ये कार्रवाई FEMA यानी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के तहत की।
जांच के दौरान कंपनी के बही-खातों और असली स्टॉक में अंतर देखने को मिला है। साथ ही कंपनी पर विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन और हेराफेरी के आरोप हैं। हाल ही में मार्केट रेगुलेटर सेबी ने भी कंपनी और उसके चेयरमैन को शेयर मार्केट से बैन कर दिया था।
स्टॉक से 40% कम मिला असली सोना
ED के मुताबिक, कंपनी के खातों में जितना सोना दिखाया गया था, मौके पर फिजिकल स्टॉक उससे 40% कम मिला है।
इसके अलावा जांच में यह भी पता चला है कि बेनामीदारों के जरिए राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयरों का कई बार लेन-देन किया गया था।
इस पूरी हेराफेरी के जरिए देश से बाहर करीब 20 मिलियन डॉलर यानी करीब 190 करोड़ रुपए गैर-कानूनी तरीके से भेजे गए हैं।
₹3000 करोड़ का संदिग्ध इंपोर्ट और अफ्रीका की खदानों में गुप्त निवेश
ED फिलहाल तीन बतों पर जांच कर रही है…
- कंपनी ने दिखाया कि उसने ₹3,000 करोड़ का कर्ज चुकाने के लिए विदेश से सोना इंपोर्ट किया, लेकिन ED को शक है कि यह सोना सिर्फ कागजों पर मंगाया गया था, असलियत में ऐसा कोई लेनदेन नहीं हुआ।
- कंपनी ने अफ्रीका की सोने की खदानों में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया। हैरान करने वाली बात यह है कि कंपनी ने इस भारी-भरकम निवेश की जानकारी अपनी किसी भी सहायक कंपनी के खातों में दर्ज ही नहीं की। यानी यह पैसा गुपचुप तरीके से लगाया गया।
- कंपनी ने 4-5 ऐसी विदेशी कंपनियों के साथ ₹3,000 करोड़ के लेनदेन (लेनदारी और देनदारी) को आपस में ही बराबर दिखा दिया, जिनका ट्रैक रिकॉर्ड बेहद संदिग्ध और गड़बड़ है।
सेबी का आरोप: ₹15.15 लाख करोड़ का फर्जी रेवेन्यू दिखाया
- कंपनी ने साल 2021 से 2025 के बीच कागजों पर अपनी कुल कमाई को ₹15.15 लाख करोड़ रुपए बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। यानी जो कमाई असल में हुई ही नहीं, उसे भी अपनी कमाई बता दिया।
- कंपनी ने दावा किया कि यह भारी-भरकम कमाई उसकी स्विट्जरलैंड वाली विदेशी कंपनी से हुई है।
- जब उस विदेशी कंपनी के असली खातों (ऑडिट रिकॉर्ड्स) की जांच हुई, तो पता चला कि वहां तो बहुत ही मामूली कमाई हुई थी।
- कंपनी ने अपनी कमाई का लगभग पूरा हिस्सा ऐसी विदेशी कंपनियों के नाम पर दिखा दिया, जिनकी असली जानकारी आम जनता या निवेशकों के लिए उपलब्ध ही नहीं है।
राजेश एक्सपोर्ट्स का रेवेन्यू (करोड़ रुपए में)
| डिटेल्स | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 |
| कंसॉलिडेटेड ऑपरेशन्स से कुल रेवेन्यू (A) | 2.58 लाख | 2.43 लाख | 3.39 लाख | 2.80 लाख | 4.23 लाख | 7.78 लाख |
| स्टैंडअलोन ऑपरेशन्स से कुल रेवेन्यू (B) | 2.06 हजार | 6.23 हजार | 5.76 हजार | 5.40 हजार | 7.02 हजार | 9.18 हजार |
| सहायक कंपनियों से मिला रेवेन्यू (A-B) | 2.56 लाख | 2.36 लाख | 3.33 लाख | 2.75 लाख | 4.16 लाख | 7.69 लाख |
| कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स / शुद्ध मुनाफा (C) | 845 | 1.00 लाख | 1.43 हजार | 336 | 95 | 113 |
| स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स / शुद्ध मुनाफा (D) | 99 | 23 | 30 | 17 | 24 | 32 |
| सहायक कंपनियों से मिला शुद्ध मुनाफा (C-D) | 746 | 987 | 1,402 | 318 | 71 | 81 |

