नोएडा एयरपोर्ट पर अक्टूबर से विदेशी उड़ान:सितंबर तक इंटरनेशनल टर्मिनल का काम होगा पूरा, एमआरओ हब भी होगा विकसित


नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इस साल के अंत तक इंटरनेशनल फ्लाईट उड़ान भर सकती है। एयरपोर्ट के इंटरनेशनल टर्मिनल का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे सितंबर-अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद फिनिशिंग और तकनीकी तैयारियां पूरी कर संचालन शुरू किया जाएगा। मंगलवार को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) की 27वीं बोर्ड बैठक में परियोजना की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की। इस दौरान निदेशक नागरिक उड्डयन निखिल टी. फुंडे और वित्त विभाग की सचिव संदीप कौर को नायल के निदेशक मंडल में शामिल करने को मंजूरी दी गई। डोमेस्टिक और कार्गो की समीक्षा
बैठक में पहले चरण के तहत शुरू की गई डोमेस्टिक और कार्गो सेवाओं की स्थिति, रोजाना संचालित होने वाली उड़ानों और आगे की विस्तार योजनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का मुख्य निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग व आंतरिक सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अगले तीन से चार महीनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। दूसरे चरण में बनेगा बड़ा एमआरओ हब
एयरपोर्ट के दूसरे चरण के तहत 1365 हेक्टेयर क्षेत्र में मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) हब विकसित किया जाएगा। इसके लिए अकासा एयर के साथ पहले ही समझौता हो चुका है। यह सुविधा शुरू होने के बाद विमान रखरखाव के लिए देश के अन्य एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एविएशन उद्योग को नई गति मिलेगी। प्रदेश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की ओर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल विकसित किया गया है, जिसकी साला यात्री क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की है। भविष्य में छह रनवे और कई टर्मिनलों के साथ इसे देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना है। एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी, लॉजिस्टिक्स पार्क, कार्गो कॉम्प्लेक्स और औद्योगिक इकाइयों के विकास से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

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