इंदौर/भोपाल/ग्वालियर/शिवपुरी3 घंटे पहले
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लखनऊ अग्निकांड के बाद मध्य प्रदेश की कोचिंग्स में भी सुरक्षा इंतजाम जांचे जा रहे हैं।
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद इंदौर में भी कोचिंग सेंटर्स की जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने 23 संस्थानों को सील कर दिया। इनमें 18 कोचिंग-लाइब्रेरी जबकि 5 होटल, रेस्टोरेंट, ऑफिस हैं। शिवपुरी में भी 12 कोचिंग संस्थानों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। इनमें फायर सेफ्टी के इंतजाम और फायर एनओसी नहीं मिली।
भोपाल में भी फायर ऑफिसर सौरभ कुमार पटेल के नेतृत्व में एक टीम कोचिंग संस्थानों की जांच करने पहुंची। टीम ने बेसमेंट, इमरजेंसी एग्जिट गेट और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। कई सेंटर्स में वेंटिलेशन की कमी पाई गई। इमरजेंसी एग्जिट गेट भी मानकों के अनुरूप नहीं मिले।
वहीं, ग्वालियर के 1050 से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स में से केवल 4 संस्थानों के पास ही फायर सेफ्टी से जुड़ी वैध एनओसी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मिले।

इंदौर में वेदा बिजनेस पार्क से अपोलो आर्केड तक जांच
इंदौर में टीम ने कोचिंग सेंटर्स के साथ शहर के प्रमुख व्यावसायिक परिसरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वेदा बिजनेस पार्क, अपोलो एवेन्यू, अपोलो आर्केड और भंवरकुआं क्षेत्र के कई व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी व्यवस्था जांची गई।
जांच के दौरान गीता भवन स्थित केटेलाइजर कोचिंग का इमरजेंसी एग्जिट बंद मिला। इसके साथ ही नुकलियम, रामानुजन, आयाम और इकरथ कोचिंग को सील कर दिया गया है। हालांकि, किसी भी मामले में FIR नहीं की गई है।
निरीक्षण में पाया गया कि कई भवनों में फायर सिस्टम खराब थे। रूल्स मुताबिक उपलब्ध नहीं थे। कुछ जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम का नियमित रखरखाव भी नहीं किया जा रहा था। प्रशासन ने भवन संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।
बहुमंजिला इमारतों में बंद मिले इमरजेंसी एग्जिट
निरीक्षण के दौरान कई बहुमंजिला इमारतों में इमरजेंसी एग्जिट बंद पाए गए। आग या अन्य आपदा की स्थिति में ऐसे रास्तों का खुला और सुरक्षित होना अनिवार्य है। इमरजेंसी गेट बंद होने से लोगों की सुरक्षित निकासी प्रभावित हो सकती है, जिससे बड़ा खतरा है।
छापेमारी से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

SDM की टीम ने लखनऊ अग्निकांड के बाद छापेमारी की।

SDM की टीम ने कोचिंग सेंटर पर लगाए ताले।

कोचिंग सेंटर को सील करती हुए SDM और प्रशान की टीम।

इंदौर में भंवरकुआं स्थित कई कोचिंग संस्थानों को सील करने की कार्रवाई की जा रही है।

SDM की मौजूदगी में टीम ने छापेमारी की। संचालकों को नोटिस जारी।
कोचिंग सेंटर्स और लाइब्रेरियों की जांच
एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में ऑपरेशन कोचिंग सेंटर चलाया गया। धनगर के अनुसार, अब तक 10 भवन अस्थायी रूप से सील किए जा चुके हैं। जांच जारी रहेगी।
एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि जिन भवनों में कोचिंग संस्थानों के साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं और वहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कुछ रेस्टोरेंट, म्यूजियम और अन्य कार्यालय भी सील किए गए हैं।
‘ऑपरेशन कोचिंग’ के तहत जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से शहर में ‘ऑपरेशन कोचिंग’ अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

फायर सेफ्टी इंतजाम करने पर मिलेगी राहत
एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीलिंग का उद्देश्य संस्थानों को स्थायी रूप से बंद करना नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। भवन संचालकों को शपथपत्र देकर आश्वासन देना होगा कि वे 15 से 20 दिनों में आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित कर देंगे।
दस्तावेज जमा करने के बाद खुलेगी सील इमारतें
सील किए गए भवनों के संचालकों को फायर सेफ्टी उपकरणों की खरीद से जुड़े दस्तावेज और ऑर्डर की प्रतियां प्रशासन को प्रस्तुत करनी होंगी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने और सुरक्षा मानकों के पालन के बाद ही संबंधित भवनों और संस्थानों को दोबारा खोलने की अनुमति दी जाएगी।
भोपाल में वेंटिलेशन और इमरजेंसी गेट की प्रॉब्लम
लखनऊ हादसे से सबक लेते हुए भोपाल में भी कोचिंग सेंटर्स की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता शुरू हो गई है। फायर ऑफिसर सौरभ कुमार पटेल के नेतृत्व में टीम ने शहर के कोचिंग संस्थानों में बेसमेंट, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। इस दौरान कई कोचिंग सेंटर्स में प्रॉपर वेंटिलेशन की कमी मिली। इमरजेंसी एग्जिट गेट भी मानकों के अनुरूप नहीं मिले।
फायर अधिकारी पटेल ने बताया कि कोचिंग सेंटरों के बाहर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स वेंटिलेशन को प्रभावित कर रहे हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सुरक्षित निकासी में भी सुधार की जरूरत है।

भोपाल की कई कोचिंग क्लासेस में जांच करने प्रशासनिक टीम पहुंची।

टीम को वेंटिलेशन और इमरजेंसी एग्जिट गेट की समस्या मिली है।
ग्वालियर में 40 संस्थान, 4 के पास ही फायर सेफ्टी
अपर आयुक्त नगर निगम मुनीष सिकरवार ने कहा कि ग्वालियर में 1050 से ज्यादा कोचिंग हैं, इनमें करीब 50 बड़े संस्थान हैं। केवल 4 संस्थानों के पास ही फायर सेफ्टी से जुड़ी वैध एनओसी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मिले हैं। अधिकांश कोचिंग सेंटरों में इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र और निकासी मार्ग जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।
नगर निगम के फायर विभाग का कहना है कि लखनऊ हादसे के बाद शहर के सभी कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था का दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ नोटिस, सीलिंग सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्वालियर में इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म और अग्निशमन यंत्र नहीं मिले।
शिवपुरी में 12 कोचिंग में फायर एनओसी नहीं थी
शिवपुरी जिला प्रशासन ने मंगलवार को शहर के 12 कोचिंग संस्थानों को अस्थायी रूप से सील कर दिया। इनमें सुरक्षा इंतजाम और फायर एनओसी नहीं पाई गई। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक संस्थाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान भारत आईएएस, इंस्पायर एकेडमी, पाठशाला लाइब्रेरी, शिवानी कॉमर्स इंस्टीट्यूट, कॉन्सेप्ट बिल्डर्स क्लास, ब्लूमिंग बड्स, इंडक्टेंस कोड केयर और शिवपुरी एकेडमी क्लासेस सहित कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया।
तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने कहा- कार्रवाई लखनऊ की घटना के मद्देनजर की गई। संबंधित संचालक फायर सेफ्टी के इंतजाम पूरे कर नियमानुसार इन्हें दोबारा खुलवा सकेंगे।

शिवपुरी में फायर एनओसी नहीं मिलने पर 12 कोचिंग अस्थायी रूप से सील की गई हैं।
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लखनऊ की कोचिंग में आग, 15 मौतें

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