भारत-अमेरिका कृषि समझौते के विरोध में किसानों ने किया प्रदर्शन:राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन


सम्भल में किसान एकता संघ ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय कृषि समझौते का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। संगठन ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। पदाधिकारियों ने कहा कि यह समझौता किसानों, आम जनता और देशहित के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। उपजिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में किसान एकता संघ ने भारत-अमेरिका कृषि समझौते पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गारंटी कानून बनाने, बिजली अधिनियम 2025 और बीज अधिनियम 2025 को निरस्त करने तथा किसानों का पूर्ण कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई गई। किसान एकता संघ के जिलाध्यक्ष चौधरी कल्लू ने कहा कि उनका संगठन किसानों और देशहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठा रहा है। उन्होंने भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ कृषि क्षेत्र में की जा रही ट्रेड डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताया और सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीद की सीमा बढ़ाने की भी मांग की। प्रदर्शन के दौरान किसान नेता नौबत सिंह ने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों के बजाय व्यापारियों का माल खरीदा जा रहा है, जबकि किसान अपनी उपज बेचने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। नौबत सिंह ने सरकार से खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने अधिकारों की रक्षा और राष्ट्रहित में व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर महिपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, समक्ष सिंह, जोगेंद्र सहित किसान एकता संघ के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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