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लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने काकादेव कोचिंग मंडी में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मानकों के विपरीत संचालित हो रहे 30 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है। इन संस्थानों में कई जगहों पर आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था और अग्नि सुरक्षा समेत अन्य जरूरी मानकों का पालन नहीं किया गया था। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद केडीए ने चार विशेष टीमें गठित कर जांच अभियान शुरू किया है, जो लगातार क्षेत्र में कार्रवाई कर रही हैं। काकादेव में एक-एक भवन की जांच कानपुर का काकादेव प्रदेश की सबसे बड़ी कोचिंग मंडियों में शामिल है। यहां हजारों छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान आवासीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। मंगलवार सुबह से केडीए की टीमें क्षेत्र की एक-एक इमारत का निरीक्षण कर रही हैं। सोमवार देर रात तक 16 कोचिंग संस्थानों को सील किया गया था, जबकि मंगलवार दोपहर तक यह संख्या बढ़कर 30 से अधिक हो गई। लाखों छात्रों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता केडीए सचिव अभय पांडेय ने बताया कि लखनऊ में हुई दुखद घटना के बाद कानपुर में भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि काकादेव में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसी वजह से सभी कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कराई जा रही है। बेसमेंट और अग्नि सुरक्षा पर विशेष नजर केडीए के अनुसार जिन भवनों में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं है, आपातकालीन निकास की सुविधा नहीं है या बिना स्वीकृत मानचित्र के बेसमेंट में निर्माण कर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर ऐसे भवनों को चिन्हित कर रही हैं। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर सीलिंग और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। छह महीने पहले भी चला था अभियान कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बीच केडीए सचिव ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले भी विशेष अभियान चलाकर 100 से अधिक बेसमेंट और कोचिंग संस्थानों को सील किया गया था। वर्तमान अभियान को और व्यापक बनाते हुए सभी टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की प्रत्येक गली और भवन का निरीक्षण करें। नियमों के खिलाफ मिले भवनों पर होगी कार्रवाई केडीए का कहना है कि जहां भी भवन निर्माण, अग्नि सुरक्षा या उपयोग संबंधी मानकों का उल्लंघन मिलेगा, वहां उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान या व्यावसायिक भवन में ऐसी स्थिति न बने, जिससे भविष्य में लोगों की जान-माल को खतरा हो।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में 30 कोचिंग सील:काकादेव में KDA की छापेमारी, मानक पूरे न मिलने पर कार्रवाई