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मऊ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम बाकर शमीम रिजवी की अदालत ने 17 वर्षीय युवक की हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में आरोपी अजीज उर्फ हिसामुद्दीन को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर कुल 7 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला कोपागंज थाना क्षेत्र के वासा कुथीर्जाफरपुर का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वासा कुथीर्जाफरपुर निवासी इरशाद अहमद पुत्र स्व. उस्मान ने 12 जून 2018 को एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इरशाद अहमद ने बताया था कि आरोपी अजीज उर्फ हिसामुद्दीन उनके 17 वर्षीय बेटे ओवैदुल्लाह को अपने साथ ले गया था। आरोप है कि आरोपी ने पारस सिंह के भट्ठे के पास ओवैदुल्लाह की नायलॉन की रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को चिमनी के नीचे छिपा दिया गया था। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद वासा कुथीर्जाफरपुर निवासी अजीज उर्फ हिसामुद्दीन पुत्र हुसैन अहमद के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से एडीजीसी फौजदारी नंदलाल भारती ने कुल 10 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने आरोपी को झूठा फंसाने का तर्क दिया। दोनों पक्षों के तर्कों और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अजीज उर्फ हिसामुद्दीन को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया। हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया। कुल 7 हजार रुपये का अर्थदंड न देने पर 30 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा होने पर 50 प्रतिशत धनराशि वादी मुकदमा को दी जाएगी।
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हत्या के एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा:2018 के मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, 7 हजार का अर्थदंड भी लगाया