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चंदौली जिले के सकलडीहा ब्लॉक क्षेत्र के रेवसा (धुस), पचफेड़वा, सोनकर बस्ती, बसरतिया और आसपास के गांवों के ग्रामीण सड़क और नाली निर्माण की वर्षों से उपेक्षा के कारण आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 2.5 किलोमीटर लंबा कच्चा मार्ग पिछले डेढ़ वर्ष से निर्माण की प्रतीक्षा कर रहा है, जिससे प्रतिदिन दो हजार से अधिक ग्रामीण, किसान, छात्र, महिलाएं और बुजुर्ग आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलभराव से भर जाती है। नाली के अभाव में गंदा पानी रास्तों और घरों तक पहुंच जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस मार्ग के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और लोक निर्माण विभाग (PWD) से संपर्क किया। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव से रेवसा (धुस) से सोनकर बस्ती होते हुए बसरतिया तक जाने वाले मार्ग एवं पक्की नाली निर्माण को विधायक प्राथमिकता सूची में स्पष्ट रूप से शामिल कर लोक निर्माण विभाग को शीघ्र कार्यवाही करने की मांग की थी। ग्रामीणों ने बताया कि 14 अप्रैल 2025 को विधायक को आवेदन दिया गया था। इसके बाद 28 अप्रैल 2025 को विधायक ने अपने लेटरहेड पर लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि, विभाग की ओर से प्राप्त उत्तर में कहा गया कि मार्ग और नाली निर्माण का प्रस्ताव विधायक प्राथमिकता सूची में स्पष्ट रूप से अंकित नहीं है, इसलिए इसे सामान्य मांग मानते हुए कार्ययोजना में शामिल नहीं किया जा सका। रेवसा गांव निवासी अमरीश कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 से यह सड़क कच्ची है। बरसात शुरू होते ही सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने विधायक, सांसद और पीडब्ल्यूडी विभाग से कई बार सड़क और नाली निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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