पिलुआ में रात्रि चौपाल, विधायक लोधी ने सुनीं ग्रामीणों की:केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर विकास योजनाओं पर चर्चा


एटा जिले के मारहरा विधानसभा क्षेत्र के पिलुआ गांव में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण एवं जनविश्वास’ अभियान के तहत एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल की अध्यक्षता विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विधायक लोधी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं, सुझावों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान से सुना। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। चौपाल में विधायक ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना, विश्वकर्मा योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। इस अवसर पर कुछ कल्याणकारी कार्यक्रम भी हुए। विधायक ने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया और गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

अपने संबोधन में विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, किसानों की आय वृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर जोर दिया। चौपाल में मौजूद अधिकारियों ने भी विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। देर रात तक चली रात्रि चौपाल में विकास, जनकल्याण और जनभागीदारी से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जबकि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। चौपाल का मुख्य संदेश यही रहा कि विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *