UP-MP चंबल पुल पर तकनीकी कमी, एक्सपेंशन जॉइंट में धंसाव:इटावा में भारी वाहनों पर रोक लगाने की तैयारी, 50 पहले बना था पुल


इटावा में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण उदी चंबल पुल में तकनीकी खामी मिलने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। पुल के ग्वालियर छोर की ओर स्थित पियर-5 (P5) के एक्सपेंशन जॉइंट में लगभग 25 मिलीमीटर का धंसाव पाया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शनिवार को मध्य प्रदेश प्रशासन की ओर से इटावा प्रशासन को पत्र भेजकर इस तकनीकी समस्या की जानकारी दी गई। वर्ष 1976 में निर्मित यह पुल इटावा को मध्य प्रदेश के भिंड, ग्वालियर समेत कई जिलों से जोड़ता है और अंतरराज्यीय यातायात का प्रमुख मार्ग माना जाता है। पुल का निरीक्षण करने वाली एमपी हाईवेज प्राइवेट लिमिटेड की टीम ने नियमित जांच के दौरान इस खामी को चिन्हित किया। कंपनी ने लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग) इटावा के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है। पत्र के अनुसार, भिंड की ओर स्थित पियर-5 के एक्सपेंशन जॉइंट में लगभग 25 मिलीमीटर का सेटेलमेंट (धंसाव) पाया गया है। तकनीकी विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि पुल के नीचे लगा ब्रिज बेयरिंग अपनी मूल स्थिति से खिसक गया हो सकता है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। विशेषज्ञों ने पुल पर भार कम करने की आवश्यकता जताई है। इसी के मद्देनजर ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की सिफारिश की गई है। कंपनी ने इटावा और भिंड जिला प्रशासन को पत्र भेजकर पुलिस और यातायात विभाग के माध्यम से भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित करने का अनुरोध किया है। फिलहाल कार, बाइक और अन्य हल्के वाहनों के संचालन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। पुल को पूरी तरह बंद करने अथवा हल्के वाहनों की आवाजाही रोकने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पुल की लगातार निगरानी कर रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई, मरम्मत कार्य और यातायात संचालन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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