जिस वार्ड में निगम कार्यालय, वहां टूटी सड़कें-उफनाते सीवर:वार्ड-10 के रहवासी बोले- बारिश में गंदा पानी घरों में घुस जाता है, बीमारी फैलती है


जिस वार्ड से पूरे शहर के विकास की निगरानी होती है, उसी शिवपुरवा में सरकारी सुविधाएं नहीं पहुंचीं। वाराणसी के वार्ड-10 शिवपुरवा में नगर निगम का प्रधान कार्यालय है। फिर भी वर्षों से टूटी सड़कों, बजबजाते सीवर और जलभराव की समस्या यहां के लोग झेल रहे हैं। कई मोहल्लों में सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। कहीं पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। कहीं लोग दूषित पानी से बचने के लिए पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। लोगों ने आरोप लगाया कि वर्षों से नालियों की सफाई नहीं हुई। बारिश में घरों तक गंदा पानी पहुंच जाता है। शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। दो साल पहले बिछाई गई गैस पाइपलाइन आज तक चालू नहीं हुई। गरीब परिवार पांच साल से आवास योजना के लिए चक्कर काट रहे हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है, इसी कड़ी में वार्ड-10 का जायजा लिया गया… नगर निगम कार्यालय के आसपास भी बदहाल सड़कें कई इलाकों में सड़कें जर्जर मिलीं। चंद्रिका नगर, माधोपुर और जयप्रकाश नगर में कुछ सड़कों का निर्माण हुआ है, लेकिन निराला नगर और लेन नंबर-6 में आज भी पुराने पत्थर और उखड़े खड़ंजे लोगों की परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इन गलियों की मरम्मत नहीं हुई। कई जगह सड़कें इतनी खराब हैं कि बरसात में चलना मुश्किल हो जाता है। पहले ये नजारा देखिए… कई मोहल्लों में पीने के पानी का संकट वार्ड के निराला नगर और लेन नंबर-6 में पेयजल संकट भी सामने आया। निराला नगर में अब तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है। वहीं कई इलाकों में नलों से सीवरयुक्त पानी आने की शिकायत मिली। लोगों ने बताया कि बीमारी के डर से अधिकांश परिवार बाजार से पानी खरीदकर पीते हैं या हैंडपंप का सहारा लेते हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। नगर निगम के सामने ही बुझी मिली स्ट्रीट लाइट शिवपुरवा के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था संतोषजनक मिली। माधोपुर, जयप्रकाश नगर और एक्सचेंज क्षेत्र में लाइटें जलती दिखाई दीं। लेकिन नगर निगम प्रधान कार्यालय के बाहर लगी स्ट्रीट लाइट बंद मिली। लोगों का कहना है कि जब निगम मुख्यालय के सामने यह स्थिति है तो बाकी वार्ड की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। दो साल पहले पाइप डाली, आज तक नहीं आई गैस निराला नगर में गैस पाइपलाइन भी लोगों के लिए मजाक बनकर रह गई है। दो साल पहले घर-घर पाइपलाइन बिछाई गई और लोगों से 500-500 रुपये भी लिए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज तक किसी घर में गैस नहीं पहुंची। कई जगह पाइप और वाल्व चोरी हो गए हैं, जबकि कई जगहों पर जंग लग चुकी है। वार्ड की बड़ी समस्याएं सीवर का गंदा पानी सड़कों पर : जयप्रकाश नगर, माधोपुर, निराला नगर और लेन नंबर-6 में सीवर का पानी खुलेआम सड़कों पर बह रहा है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। टूटी सड़कें और उखड़े खड़ंजे : कई मोहल्लों में सड़कें सालों से टूटी पड़ी हैं। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाता है और लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। जलभराव की समस्या : बारिश होने पर कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर जाता है। गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है। पेयजल संकट : कुछ मोहल्लों में पाइपलाइन नहीं है, जबकि कई जगह सीवरयुक्त पानी आने की शिकायत मिली। गैस पाइपलाइन बनी शोपीस : दो साल पहले पाइपलाइन डालने के बावजूद आज तक निराला नगर के किसी घर में गैस आपूर्ति शुरू नहीं हुई। आवास योजना का लाभ नहीं : कई गरीब परिवार सालों से आवास योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें लाभ नहीं मिला। लोग बोले- न सड़क बनी, न सीवर की सफाई हुई लेन नंबर-6 निवासी कल्ला बिंद ने बताया कि सालों से सड़क और नाले की समस्या जस की तस बनी हुई है। बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है और घरों में गंदा पानी घुस जाता है। शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन मिलता है। मैना ने बताया कि बारिश के दौरान टॉयलेट का पानी पूरे इलाके में फैल जाता है। लोगों को उसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। घर के सामने बहता है मैला प्रभावती देवी ने बताया कि नाले की सफाई नहीं होती, इसलिए घर के सामने लगातार गंदा पानी बहता रहता है। पीने के पानी की समस्या के कारण उन्होंने घर में हैंडपंप लगवा लिया है। सीमा ने कहा कि 35 साल से इस बस्ती में रह रही हैं। तब से नाले की समस्या जस की तस बनी हुई है। बारिश में नाले का पानी घरों में घुस जाता है। ‘सीवर की गंदगी से परिवार बीमार हो गया’ निराला नगर निवासी समरनाथ ने बताया कि घर के सामने सीवर का गंदा पानी बहता है। दुर्गंध और गंदगी के कारण पूरा परिवार परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनकी पत्नी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और गंदगी के कारण हालात और खराब हो रहे हैं। पार्षद की पड़ोसी बोलीं- बगल में रहते हैं, फिर भी समस्या जस की तस पार्षद के पड़ोस में रहने वाली पूनम ने बताया कि सालों से पानी की समस्या है। सड़क अधूरी छोड़ दी गई है और शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। शांति देवी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता। लोगों की शिकायतें सुनने तक से इनकार कर दिया जाता है। आवास के लिए पांच साल से भटक रहे गरीब परिवार लेन नंबर-6 की मैना, सुनीता और शिवकुमार ने बताया कि वे पिछले पांच साल से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला। मैना ने कहा कि उनका मकान टीनशेड का है और बारिश में छत टपकती है। कई बार आवेदन करने के बावजूद हर बार नाम कट जाता है। ’30 हजार रुपये दो, तब मिलेगा आवास’ सुनीता ने आरोप लगाया कि आवास योजना के लिए आवेदन के बाद जांच तो होती है, लेकिन बाद में नाम सूची से बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने उन्हें 30 हजार रुपये रिश्वत देने की सलाह दी थी। उनका सवाल है कि गरीब परिवार मकान बनाए या रिश्वत दे। जयप्रकाश नगर और माधोपुर में बारिश बनी आफत जयप्रकाश नगर के सब्जी विक्रेता विजय सोनकर ने बताया कि बरसात में तिराहे पर करीब एक फुट पानी भर जाता है। एक से डेढ़ घंटे तक जलभराव रहता है। उनका कहना है कि पुराने और नए दोनों जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सबसे बड़ी समस्या सीवर और जलभराव करीब 24 हजार वोटरों और 20 बूथों वाले इस वार्ड में सबसे गंभीर समस्या सीवर की है। वर्षों पहले बना ड्रेनेज सिस्टम बढ़ती आबादी का दबाव नहीं झेल पा रहा है। जयप्रकाश नगर, माधोपुर, निराला नगर और लेन नंबर-6 में सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बहता मिला। कई जगह नालियों से बदबूदार पानी निकलकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। वार्ड में डिसिल्टिंग का काम शुरू तो हुआ है, लेकिन लोगों का आरोप है कि यह सिर्फ खानापूर्ति है। लोग बोले- सिर्फ खानापूर्ति हो रही स्थानीय निवासी रवि रंजन त्रिपाठी ने बताया कि इलाके में सीवर लाइन होने के बावजूद व्यवस्था काम नहीं कर रही है। डिसिल्टिंग शुरू हुई है लेकिन गाद निकाली नहीं जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सिर्फ खानापूर्ति हो रही है, जबकि लोगों को रोजाना सीवर और जलभराव की समस्या झेलनी पड़ रही है। पार्षद से संपर्क नहीं हो सका वार्ड की भाजपा पार्षद इंद्रा रानी और उनके प्रतिनिधि अजय बिंद से पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया। दोनों ने फोन रिसीव नहीं किया। उनके आवास और कार्यालय पर भी संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। हेल्पलाइन नंबर. नगर निगम ने पाइप लाइन में लीकेज या कहीं गंदे पानी की सप्लाई होने की शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8601872688 जारी किया है। इस पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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