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एआई से दुल्हन तैयार कर लोगों को फंसाने वाले गैंग में शामिल लड़कियां कहीं शातिर थीं। पीड़ित चंद्रेश की माने तो उसे बहन, दोस्त और भावी पत्नी बनकर राधिका, प्रीती और पूर्वी बनकर खूब छला। दोस्त बनकर प्रीती ने जाल में फंसाया, बहन बनकर राधिका ने शादी का भरोसा दिलाया और पूर्वी ने भोजपुरी भाषा में तुमही से लगन करब… कहकर लूट लिया। चंद्रेश ने अपने दर्ज कराए बयानों में यह बातें पुलिस टीम को बतायी हैं। बाराबंकी के चंद्रेश के पुलिस ने दर्ज किए बयान बाराबंकी के रामनगर सदनपुर सेमराय का रहने वाला चंद्रेश दिहाड़ी मजदूर है। चंद्रेश को शादी का झांसा देकर चार लाख की ठगी के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज किए। चंद्रेश ने अधिकारियों को बताया कि प्रीती ने सबसे पहले शादी कराने के लिए फोन किया था। वह उसकी बातों में आ गया। उसके बाद राधिका ने बात शुरू की। नया रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर फिर से रुपयों का खेल शुरू कर दिया। चंद्रेश के मुताबिक राधिका ने कहा था, हम तुम्हारी बहन हैं। मुझे प्रीती की तरह मत समझना, भरोसा रखो… हम तुम्हारी शादी कराएंगे। बस रजिस्ट्रेशन के नाम पर कुछ भुगतान करना है, वो कर दो। राधिका के झांसे में आने पर उसने दोबारा रजिस्ट्रेशन कराया, जिस पर उसने पूर्वी का फोटो और नंबर दिया। शादी के लिए पीएफ से दो लाख रुपए निकाले थे पूर्वी अक्सर मेरी ही तरह भोजपुरी भाषा में बोलती थी। उसने कहा था कि वह शादी करने को तैयार है। अभी मां की तबीयत खराब है, उनका इलाज चल रहा है। इसके नाम पर उससे रुपये लिए गए। चंद्रेश ने कहा कि मां को बाराबंकी ले आओ तो यहीं इलाज करा देंगे। वह पैसा लेती रही, लेकिन आयी नहीं। उसके पीएफ में दो लाख रुपये थे, जबकि दो लाख उसने जोड़ रखे थे। इलाज के लिए 30 हजार रुपये फिर मांगा। नहीं दिए तो आधार और पैन कार्ड मांगा गया। शक होने पर उसने आधार और पैन नहीं दिया तो कुछ दिन बाद पूर्वी ने भी फोन बंद कर दिया। नंबर बंद कर फरार हैं आरोपी क्राइम ब्रांच को इस मामले में साइबर के वकील अमित, करम पटेल और जागृति की तलाश है। तीनों रंजीश के पकड़े जाने के बाद से ही नंबर बंद करके फरार हैं। पुलीस सीडीआर निकाल रही है, छत्तीसगढ़ का अमित खुद भी कई मैरिज ब्यूरो चलाता है। छत्तीसगढ़ का करम पटेल रिश्ते मैचिंग नाम से मैरिज ब्यूरो चलाता है। वहीं, कानपुर की जागृति उन्नाव में मैरिज ब्यूरों चलाती है। दिल्ली, गुजरात और लखनऊ से भेजे रुपये साइबर सेल के अधिकारी ने बताया कि चंद्रेश एक कंपनी के लिए मजदूरी करता है। इसके लिए वह दूसरे शहरों में जाता है। बातचीत के दौरान उसने दिल्ली, गुजराज और लखनऊ समेत अलग-अलग शहरों से जनसेवा केंद्रों के माध्यम से रुपये भेजे हैं। जिसका डिटेल निकाला जा रहा है। चंद्रेश के एक अकाउंट से रंजीश के खाते में पैसा गया है। इसकी डिटेल मिली है।
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पूर्वी बोली थी-मां सहीं हो जाएं, तुमसे ही शादी करूंगी:शादी के नाम पर ठगा मजदूर बोला- राधिका ने बहन बनकर रजिस्ट्रेशन कराया था