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लखनऊ में हैदर कैनाल बंधे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नोटिस चस्पा करने के विवाद में सिंचाई विभाग ने एक अवर अभियंता को हटा दिया है, जबकि स्थानीय लोगों से विवाद और नोटिस चस्पा करने को लेकर चर्चाओं में रहे दूसरे जेई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश वर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार अवर अभियंता मंगल प्रसाद वर्मा को तत्काल प्रभाव से कार्यस्थल से हटाकर षष्टम मंडल सिंचाई कार्य, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। विभागीय पत्र में कहा गया है कि 18 जून को हैदर कैनाल बंधे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित थी। कार्रवाई के बाद अन्य अवैध अतिक्रमणों पर नोटिस चस्पा किए गए, लेकिन आरोप है कि कुछ ऐसे भवनों पर भी नोटिस लगा दिए गए जो अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आते थे। इससे सिंचाई विभाग की छवि धूमिल हुई। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उनसे उलझने वाले अवर अभियंता विवेक गुप्ता के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि मुख्तार अंसारी से जुड़ी बताई जाने वाली जमीन पर बने 72 गरीब परिवारों के आवासों पर नोटिस चस्पा करने में विवेक गुप्ता की प्रमुख भूमिका थी, लेकिन विभागीय कार्रवाई केवल मंगल प्रसाद वर्मा तक सीमित रखी गई। हैदर कैनाल बंधे पर हुई कार्रवाई और उसके बाद उठे विवाद को लेकर अब विभाग के भीतर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नोटिस चस्पा करने और कार्रवाई में अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारी तय कर सभी संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
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हैदर कैनाल नोटिस विवाद: जेई मंगल प्रसाद हटाए गए,:स्थानीय लोगों से उलझने वाले विवेक गुप्ता पर कार्रवाई नहीं