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दहेज हत्या के मुकदमे में 11 तारीखों से गवाही के लिए न आने पर एडीजे–19 अभय प्रकाश नारायण की कोर्ट ने गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्राधिकारी के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज किया है। साथ ही गैर जमानती वारंट भी जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि क्षेत्राधिकारी के कंधे पर ही पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था का बोझ है। मामले की सुनवाई तीन जुलाई को होगी। दहेज हत्या का मुकदमा कोर्ट में ट्रायल पर है वर्ष 2019 के सरकार बनाम करन दहेज हत्या के मुकदमा का कोर्ट में ट्रायल पर है। जिसमें आठ जनवरी 2020 को आरोप तय हुए थे। सात गवाहों की गवाही हो चुकी है। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी घाटमपुर और वर्तमान में क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ जिला गोरखपुर रवि कुमार सिंह इस मुकदमे में विवेचक थे। मुकदमे में 52 पेशी हो चुकी है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में नहीं हुए पेश क्षेत्राधिकारी की गवाही के लिए कई बार समन, जमानती वारंट और गैर जमानती वारंट जारी किए गए, लेकिन वह कोर्ट नहीं आए। 22 अगस्त 2025 को वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही का अनुरोध किया गया। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिग से पेशी थी, लेकिन शाम 4:30 अभियोजन साक्षी को पेश नहीं करा सका है। डीजीपी, अपर मुख्य सचिव गृह को भेजा आदेश थाना बिधनू के पैरोकार ने कोर्ट में आवेदन दिया कि ला एंड आर्डर में ड्यूटी के कारण साक्षी वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी पर उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि कोर्ट ने गवाही के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग से भी उपस्थित न होने पर क्षेत्राधिकारी के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कर लिया है। आदेश की प्रति एडीजी गोरखपुर जोन, डीजीपी, अपर मुख्य सचिव गृह और डीएम को भेजने का आदेश दिया है।
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गोखरपुर सीओ के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज, NBW जारी:कोर्ट ने कहा-लगता है पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था का बोझ सीओ के कंधे पर है