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सुल्तानपुर में अखंडनगर पुलिस ने अंतरजनपदीय रंगदारी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह एक फाइनेंस ऐप के पुराने पासवर्ड का दुरुपयोग कर गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक करता था और अवैध वसूली करता था। गिरोह ‘Easy recovery 2.0’ नामक फाइनेंस ऐप का इस्तेमाल कर वाहनों को ट्रैक करता था। इसके बाद किश्त बकाया होने का डर दिखाकर वाहन मालिकों या चालकों से मोटी रकम वसूलता था। पुलिस ने इन सक्रिय सदस्यों को रंगदारी के रुपयों के साथ पकड़ा है। यह मामला 18 जून को प्रकाश में आया, जब अंबेडकरनगर के जौनपुर (कोल्हूपारा) निवासी नीरज कुमार ने अखंडनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उनके चालक संतोष को उनकी गाड़ी (UP 45 BT 4307) ले जाते समय रोका गया था। बदमाशों ने चालक के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उन्होंने गाड़ी सीज करने की धमकी देकर जबरन 5,000 रुपये नकद और फिर फोन-पे के माध्यम से 5,000 रुपये, कुल 10,000 रुपये की रंगदारी वसूली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का मुख्य सदस्य अनुभव श्रीवास्तव पहले एक इंश्योरेंस एजेंट फाइनेंस कंपनी में काम करता था। उसने कंपनी के ‘Easy recovery 2.0’ ऐप के पुराने पासवर्ड का दुरुपयोग किया। इस ऐप की मदद से वे किसी भी गाड़ी की बकाया किश्त और उसकी लाइव लोकेशन का पता लगा लेते थे। इसके बाद वे रास्ते में गाड़ी को रोककर वाहन मालिक या चालक को डराते-धमकाते थे और रिकवरी के नाम पर अवैध वसूली करते थे। पुलिस ने मीरपुर प्रतापपुर गिमटिया फाटक के पास घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से रंगदारी के 2,000 रुपये भी बरामद हुए हैं। इनकी पहचान आजमगढ़ के जमौटा, थाना पवई निवासी आकाश सिंह और सुल्तानपुर के बेलवाई, थाना अखंडनगर निवासी सौरभ उर्फ गोलू गिरी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अनुभव श्रीवास्तव निवासी शाहगंज, जौनपुर और नितेश सिंह निवासी धुधुरी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
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सुल्तानपुर में रंगदारी गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार:फाइनेंस ऐप से गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक कर करते थे अवैध वसूली