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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने प्रदेश में केवल कागजों पर संचालित हो रहे 465 इंटर कॉलेजों की मान्यता समाप्त कर दी है। इस कार्रवाई में जनपद एटा के 18 विद्यालय भी शामिल हैं। बोर्ड ने यह कदम उन स्कूलों के खिलाफ उठाया है, जहां पिछले दो वर्षों से एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हुआ। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के तहत उन विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त मानी गई है, जिनसे लगातार दो शैक्षिक सत्रों 2024-25 और 2025-26 में एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ अथवा जहां नियमित रूप से कक्षाएं संचालित नहीं की गईं। बोर्ड द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परिषद विनियमों के अध्याय-7 के विनियम-11 (6) के अनुसार, यदि किसी हाईस्कूल नवीन (वनटाइम) अथवा इंटरमीडिएट नवीन वर्ग की मान्यता प्राप्त संस्था से लगातार दो वर्षों तक कोई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं होता या विद्यालय में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होता, तो उसकी मान्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी। यूपी बोर्ड की जांच में ऐसे सैकड़ों विद्यालय सामने आए, जहां वर्षों से छात्र संख्या नगण्य थी या फिर विद्यालय केवल दस्तावेजों में संचालित हो रहे थे। इसके बाद परिषद ने प्रदेश के 465 स्ववित्तपोषित विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया। जनपद एटा के 18 विद्यालयों पर भी कार्रवाई होने से शिक्षा जगत में चर्चा का माहौल है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से फर्जी और निष्क्रिय विद्यालयों पर प्रभावी अंकुश लगेगा तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, बोर्ड भविष्य में भी ऐसे विद्यालयों की निगरानी जारी रखेगा जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। मान्यता समाप्त होने के बाद संबंधित विद्यालयों के सामने अब अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। प्रदेशभर में हुई इस कार्रवाई को यूपी बोर्ड का अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान माना जा रहा है, जिसने शिक्षा व्यवस्था में सक्रिय और निष्क्रिय संस्थानों के बीच स्पष्ट रेखा खींच दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक इंद्रजीत प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया 2023,24,24,2025,25,2026 में इसे विद्यालय जिनमे नामांकन नहीं हो रहे,बच्चों के नामांकन नहीं हो पा रहे थे पठन पाठन कार्य नहीं चल रहा था 18 विद्यालय बंद किए गए हैं।उन्होंने बताया कि मैनेजमेंट की तरफ से नए नामांकन का का प्रयास नहीं किया गया होगा ऐसे विद्यालयों की मान्यता रद्द की गई है
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यूपी बोर्ड ने 465 इंटर कॉलेजों की मान्यता रद्द की:दो साल से छात्र नहीं, एटा के 18 स्कूल भी जद में