KGMU ट्रॉमा सेंटर के बाहर देर रात निजी एम्बुलेंसों के खड़े होने का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में ट्रॉमा सेंटर गेट के बाहर निजी एम्बुलेंस दिखाई दे रही हैं, जिन्हें लेकर मरीजों और तीमारदारों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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मरीजों के परिजनों का आरोप है कि रात होते ही ट्रॉमा सेंटर के बाहर दलाल सक्रिय हो जाते हैं। ये लोग मरीजों और उनके तीमारदारों से संपर्क कर उन्हें बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराने का प्रयास करते हैं। इसी मकसद से निजी अस्पतालों से जुड़ीं एम्बुलेंस देर रात तक ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ी रहती हैं।
इस खेल में ट्रॉमा सेंटर के कुछ स्टाफ पर भी गंभीर आरोप हैं। इन पर क्रिटिकल कंडिशन में पहुंचने वाले मरीजों के परिजनों को भ्रमित कर सरकारी अस्पताल में सुविधाएं न मिलने की बात कही जाती है। फिर निजी अस्पतालों में शिफ्ट कराने का दबाव बनाया जाता है। कई मामलों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी इस जाल में फंस जाते हैं और उन्हें भारी खर्च उठाना पड़ता है।
लगातार छापेमारी का दावा करता है प्रशासन
KGMU प्रशासन का दावा है कि समय-समय पर मरीजों की दलाली रोकने के लिए अभियान चलाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई करने का दावा करता रहा है। बावजूद इसके ट्रॉमा सेंटर के बाहर निजी एम्बुलेंसों की मौजूदगी और दलालों की सक्रियता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं।
वीडियो सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अस्पताल परिसर और उसके आसपास निजी एम्बुलेंसों की निगरानी कैसे हो रही है और मरीजों को कथित तौर पर निजी अस्पतालों की ओर ले जाने वाले नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी।