50 हजार में खरीदी नौकरी, सॉल्वर ने दी SSC परीक्षा:BSF में हुआ चयन, 12 दिन ट्रेनिंग के बाद पकड़ा गया अभ्यर्थी, ग्वालियर में FIR


देश की सुरक्षा से जुड़ी सीमा सुरक्षा बल (BSF) की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जबलपुर का एक युवक दूसरे व्यक्ति से SSC परीक्षा और मेडिकल टेस्ट दिलवाकर कॉन्स्टेबल बन गया। चयन के बाद वह बेंगलुरु स्थित BSF ट्रेनिंग सेंटर पहुंचा और 12 दिन तक ट्रेनिंग भी करता रहा। अंतिम बायोमेट्रिक जांच में फिंगरप्रिंट 100 प्रतिशत मिसमैच होने पर पूरा खेल उजागर हो गया। बुधवार को मामले में ग्वालियर के बिजौली थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उस सॉल्वर के साथ पूरे गैंग की तलाश कर रही है, जिसने भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाई। ट्रेनिंग के दौरान खुला पूरा राज पुलिस और BSF सूत्रों के अनुसार, जबलपुर के मनमोहन नगर, रांझी निवासी शिव सिंह का चयन SSC परीक्षा-2025 के जरिए कॉन्स्टेबल (GD) पद पर हुआ था। नियुक्ति मिलने के बाद वह 9 मार्च 2026 को बेंगलुरु स्थित BSF ट्रेनिंग सेंटर पहुंच गया। ट्रेनिंग शुरू होने के 12 दिन बाद, 21 मार्च को दस्तावेजों के अंतिम सत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसके फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए। कई बार जांच के बावजूद सिस्टम ने 100 प्रतिशत मिसमैच दिखाया। फोटो भी नहीं मिली, खुल गई पोल जांच अधिकारियों ने जब SSC आवेदन पत्र और ई-एडमिट कार्ड पर लगी तस्वीरों का मिलान किया तो सामने आया कि परीक्षा देने वाला व्यक्ति और ट्रेनिंग करने पहुंचा युवक अलग-अलग हैं। इसके बाद अधिकारियों ने उससे पूछताछ की। 50 हजार रुपए देकर कराया था पूरा काम पूछताछ में शिव सिंह ने स्वीकार किया कि उसने 50 हजार रुपए देकर एक अज्ञात सॉल्वर को अपनी जगह लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट देने के लिए तैयार किया था। उसी की मदद से वह चयनित हुआ था। ग्वालियर से जुड़ा है फर्जीवाड़े का कनेक्शन जांच में पता चला कि आरोपी की लिखित परीक्षा 19 फरवरी 2025 को ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र में हुई थी। भर्ती प्रक्रिया के अन्य चरण भी यहीं पूरे हुए थे। इसी वजह से बेंगलुरु पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला जांच के लिए ग्वालियर भेज दिया। अब सॉल्वर गैंग की तलाश बिजौली थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। परीक्षा केंद्र से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अब उस सॉल्वर और उसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है।

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