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चंदौली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से पत्रकारों को बाहर किए जाने के मुद्दे ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। भाजपा नेता और सकलडीहा विधानसभा से दो बार प्रत्याशी रह चुके सूर्यमुनि तिवारी ने इस मामले को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता के खिलाफ बताते हुए सपा सांसद पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को पत्रकारों का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। सूर्यमुनि तिवारी ने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर होने वाली बैठकों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। इन बैठकों की जानकारी जनता तक पहुंचाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करते हैं। ऐसे में उन्हें बैठक से बाहर करना दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और मीडिया के बीच स्वस्थ संवाद होना चाहिए। पत्रकारों को उनके दायित्वों के निर्वहन से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। भाजपा नेता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं चंदौली के पूर्व सांसद महेद्र नाथ पाण्डेय के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पत्रकारों का सम्मान किया और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन किया। उनके कार्यकाल में मीडिया और जनप्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक संवाद कायम रहा। सूर्यमुनि तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि आलोचना से बचने के लिए पत्रकारों को दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है और इससे पारदर्शिता प्रभावित होती है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो तथा पत्रकारों को उनके पेशेगत दायित्वों के निर्वहन में किसी प्रकार की बाधा न पहुंचाई जाए। कहा कि भाजपा स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के समर्थन में हमेशा खड़ी रही है।
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भाजपा नेता सूर्यमुनि ने सपा सांसद पर साधा निशाना:दिशा बैठक से पत्रकारों को बाहर करने पर आपत्ति, बोले- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का सम्मान जरूरी