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लखनऊ में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। आगामी मुहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी प्रशासनिक तैयारियों को सुनिश्चित करने की अपील की है। बोर्ड ने गुजारिश की है कि प्रधानमंत्री सभी राज्यों को जरूरी दिशा निर्देश जारी करें, ताकि मुहर्रम के दौरान निकलने वाले जुलूसों और मजलिसों का आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से किया जा सके। पत्र बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना साएम मेंहदी नक़वी और राष्ट्रीय महासचिव मौलाना यासूब अब्बास के जरिये संयुक्त रूप से लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि मुहर्रम विशेष रूप से हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। जिन्होंने कर्बला में मानवता और इंसानियत के लिए अपनी जान और परिवार को कुर्बान कर दिया। जिसमे 6 माह के बच्चे की शहादत भी शामिल है। 7 से 8 करोड़ शिया मुसलमान मनाते हैं मोहर्रम मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि मुहर्रम सिर्फ शिया समुदाय नहीं, बल्कि इसको हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी मज़हबों के लोग मानते हैं। मुहर्रम जुर्म के खिलाफ संघर्ष और अमन, इंसाफ और इंसानियत का पैग़ाम है। उन्होंने बताया कि इस साल 17 जून 2026 से मुहर्रम शुरू हो रहा है। देशभर में 7 से 8 करोड़ शिया मुसलमान इस मौके पर ताजिया, जुलूस और मजलिसों का आयोजन करेंगे। सफाई – सुरक्षा की मांग शिया बोर्ड ने पत्र में मुहर्रम के जुलूसों को पारंपरिक रास्ते से निकालने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, जर्जर रास्तों की मरम्मत, साफ-सफाई, गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी के टैंकों और छिड़काव की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके अलावा, ऊँचे ताजीयों के कारण बिजली के तारों से करंट लगने की घटनाओं को रोकने के लिए बिजली विभाग को समय रहते जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। ‘महिलाओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण’ शिया बोर्ड ने खास तौर पर लखनऊ और देशभर की मातमी अंजुमनों के जरिये आयोजित की जाने वाली मजलिसों और नौहा-ख्वानी में शामिल बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं के लिए प्रशासनिक सहायता और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। शिया समुदाय द्वारा इन मजलिसों का आयोजन किया जाता है, जो रात-भर चलता है । देर रात महिलाएं इमामबाड़ों और मजलिसों से अपने घर को जाती है उनकी सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
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शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने पीएम मोदी को लिखा पत्र:सफाई – सुरक्षा की मांग , मौलाना यासूब बोले- विभिन्न धर्मों के लोग मनाते हैं मोहर्रम