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देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र में एक बड़े पासपोर्ट फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। एक ही व्यक्ति द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे दो-दो पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ और स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की संयुक्त जांच के बाद चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मदरसन निवासी अजय कुमार विश्वकर्मा ने साल 2017 में अपनी जन्मतिथि 1 जनवरी 1985 दर्शाकर पहला पासपोर्ट बनवाया था। आरोप है कि बाद में साल 2022 में उन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर जन्मतिथि बदलकर 10 अगस्त 1990 कर दी और दूसरा पासपोर्ट भी जारी करवा लिया। इसी तरह, सोपरी बुजुर्ग निवासी अमित कुमार यादव ने साल 2017 में 9 जुलाई 1997 की जन्मतिथि के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त किया था। उन पर आरोप है कि वर्ष 2020 में उन्होंने नाम, पता और जन्मतिथि में बदलाव कर दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया। जांच में दो अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं। गौरी बुजुर्ग निवासी बलिराम यादव पर माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में बदलाव कर पासपोर्ट हासिल करने का आरोप है। वहीं, नरायनपुर तिवारी निवासी अनुज यादव पर अपने नाम, माता के नाम और गांव के विवरण में हेरफेर कर पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगाया गया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ द्वारा की गई गोपनीय जांच के बाद मामले की रिपोर्ट देवरिया पुलिस को भेजी गई थी। इसके आधार पर एलआईयू ने भी अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी। दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां मिलने के बाद गौरीबाजार थाने के उपनिरीक्षक झीनेलाल पासवान की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज में फर्जीवाड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज कहां से तैयार कराए और क्या इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका है। गौरीबाजार के थानेदार डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है।
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देवरिया में पासपोर्ट फर्जीवाड़ा उजागर:कूटरचित दस्तावेजों से दो-दो पासपोर्ट बनवाए, चार पर केस दर्ज