चित्रकूट में पानी का संकट खत्म:जिन गांवों में बूंद-बूंद को तरसते थे लोग, अब हर घर में नल का पानी उपलब्ध


बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में वर्षों से चला आ रहा पेयजल संकट अब समाप्त हो गया है। जल जीवन मिशन के तहत अब गांव-गांव तक नल से जल पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। गर्मी के मौसम में जहां लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब हर घर में नल का पानी उपलब्ध है। दैनिक भास्कर की टीम ने जमीनी हकीकत जानने के लिए मानिकपुर ब्लॉक के रैपुर ग्राम समूह जल योजना के अंतर्गत आने वाले उड़की, गोरिया और अगरहुड़ा गांवों का दौरा किया। ग्रामीणों से बातचीत में अधिकांश ने बताया कि अब पानी की पहले जैसी परेशानी नहीं रही। घरों तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष राहत मिली है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले हैंडपंप और कुओं पर घंटों इंतजार करना पड़ता था। गर्मियों में जलस्तर गिरने से समस्या और बढ़ जाती थी। अब घर-घर नल कनेक्शन होने से पर्याप्त पानी मिल रहा है। इससे दैनिक जीवन आसान होने के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जल जीवन मिशन का कार्य अंतिम चरण में रैपुर ग्राम समूह जल योजना का निर्माण जीबीपीआर लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा किया गया है। इस योजना के तहत तीनों ग्राम पंचायतों में लगभग 2 हजार घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं, जिनके माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इस संबंध में एडीएम नमामि गंगे स्वप्निल यादव ने बताया कि चित्रकूट जिले में जल जीवन मिशन का कार्य अंतिम चरण में है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है, जबकि शेष गांवों में कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। जलापूर्ति से जुड़ी किसी भी शिकायत या तकनीकी समस्या का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से जिस पानी की समस्या ने उनके जीवन को कठिन बना रखा था, वह अब काफी हद तक दूर हो चुकी है।

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