![]()
मिर्जापुर में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शनिवार को परिवार सहित मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मां विंध्यवासिनी से प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने विंध्याचल धाम में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की पहचान और प्रगति का प्रतीक बताया। दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल का विकास वहां की पहचान को नई ऊंचाई देता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि विंध्य धाम में हुए विकास कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और पूरे क्षेत्र की रौनक बढ़ी है। उन्होंने इन विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मिर्जापुर सदर विधायक पंडित रत्नाकर मिश्र का आभार व्यक्त किया। गौसंरक्षण सरकार की प्राथमिकता उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गौवंश संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि गौशालाओं और गौवंश आश्रय स्थलों के संचालन के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में 20 से 40 रुपये तक की वृद्धि की गई है। इस व्यवस्था में गौरक्षकों के मानदेय का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि वन विहार क्षेत्रों में लगभग 10 हजार गौवंशों के संरक्षण और संवर्धन पर भी कार्य किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती को बताया लाभकारी राजेंद्र शुक्ल ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि गोबर और गौमूत्र आधारित खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। सरकार इस पद्धति को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे खेती की लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार है, बल्कि भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विंध्य क्षेत्र के प्रमुख नेता हैं राजेंद्र शुक्ल उल्लेखनीय है कि राजेंद्र शुक्ल विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में शामिल हैं। वह रीवा विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांचवीं बार विधायक निर्वाचित हुए हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
Source link
विंध्य धाम का विकास पूरे क्षेत्र की पहचान बढ़ा रहा:मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, गौसंवर्धन और प्राकृतिक खेती को बताया सरकार की प्राथमिकता