समर्थ-ट्विशा की शादी में डांस करते श्रेसस सक्सेना का फोटो भी शिकायत में भेजा है।
भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में अब कानूनी सहायता व्यवस्था (लीगल एड) से जुड़े वकीलों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एमपीएसएलएसए) और चीफ जस्टिस विवेक रूसिया को शि
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए नियुक्त लीगल एड से जुड़े कुछ वकील आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के पक्ष में सक्रिय दिखाई दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि इनकी नियुक्ति उस समय हुई थी, जब गिरिबाला सिंह भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश थीं।
पिता ने शिकायत के साथ एक फोटो भी भेजा है, जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना से जुड़े सहायक अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना कथित तौर पर समर्थ सिंह की शादी में डांस करते दिखाई दे रहे हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान भी वे आरोपी पक्ष के निजी वकील के साथ अदालत में मौजूद थे।

एमपी के चीफ जस्टिस को भेजी गई शिकायत।
रीना वर्मा की भूमिका पर भी सवाल
शिकायत में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि 2 जून को सीबीआई द्वारा आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के दौरान उन्होंने वकालतनामा पेश किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब आरोपी पक्ष के पास पहले से निजी अधिवक्ता मौजूद थे, तब लीगल एड से जुड़े वकीलों की सक्रिय भूमिका की जांच होना चाहिए।

शिकायत के साथ यह तस्वीर भी नवनिधि शर्मा ने भेजी है। इसमें श्रेयस सक्सेना समर्थ की शादी में डांस करता हुए दिख रहा है।
दो नियुक्तियों पर उठाए सवाल नवनिधि शर्मा का आरोप है कि गिरिबाला सिंह के कार्यकाल में नियुक्त दो लीगल एड वकील बाद में उन्हीं से जुड़े मामले में आरोपी पक्ष के साथ दिखाई दिए। शिकायत में कहा गया है कि यदि लीगल एड पैनल से जुड़े सदस्य निजी पक्ष की पैरवी कर रहे थे तो इसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

विधिक सेवा प्राधिकरण का नियुक्ति पत्र।
8 कॉल और अग्रिम जमानत पैरवी की जांच की मांग
शिकायत में दावा किया गया है कि 12 मई की रात करीब 11 बजे राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य को कॉल किया गया था। साथ ही 15 मई को अग्रिम जमानत मामले में पैरवी करने पहुंचे अधिवक्ता की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।
अज्ञात व्यक्ति की पहचान पर भी सवाल शिकायत में एक ऐसे व्यक्ति का उल्लेख किया गया है, जो कथित रूप से ब्यूटी पार्लर और बाद में विवाह समारोह में दिखाई देता है। शिकायतकर्ता ने इस व्यक्ति की पहचान और पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है।

ट्विशा और समर्थ की शादी की तस्वीरें।
शिकायत में क्या-क्या मांगें
शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकुर पांडे ने बताया कि शिकायत संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है और मामले में कार्रवाई का इंतजार है।
- लीगल एड से जुड़े वकीलों की भूमिका की जांच।
- आरोपी पक्ष के साथ कथित संबंधों की पड़ताल।
- अग्रिम जमानत सुनवाई के दौरान हुई पैरवी की जांच।
- कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की स्वतंत्र जांच।
- फोटो-वीडियो में दिख रहे अन्य व्यक्तियों की पहचान और भूमिका स्पष्ट करने की जांच।
क्या हाेते हैं लीगल एड वकील
- लीगल एड वकील जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने वाले वकील होते हैं।
- इन्हें जिला, राज्य या राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियुक्त किया जाता है।
- महिलाओं, गरीबों, एससी-एसटी, बच्चों और जेल में बंद लोगों को यह सुविधा दी जाती है।
- इन वकीलों की फीस सरकार या विधिक सेवा प्राधिकरण देता है।
- इसका उद्देश्य हर व्यक्ति को समान न्याय उपलब्ध कराना है।

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