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- Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (11 June 2026) | Bhopal Jaipur Gold Silver Rate
नई दिल्ली28 मिनट पहले
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सोने के दाम में आज यानी 11 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 1,562 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए हो गए हैं।
31 मई को सोना 1.56 लाख पर था। यानी 11 दिन में ही ये 11 हजार रुपए सस्ता हुआ है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत आज 257 रुपए बढ़कर 2.33 लाख रुपए पर पहुंच गई है।
कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत
| कैरेट | भाव (रुपए/10 ग्राम) |
| 24 | ₹1,45,584 |
| 22 | ₹1,33,355 |
| 18 | ₹1,09,188 |
| 14 | ₹85,167 |
देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत
| शहर | 10 ग्राम 24 कैरेट |
| दिल्ली | ₹1,45,790 |
| मुंबई | ₹1,45,640 |
| कोलकाता | ₹1,45,640 |
| जयपुर | ₹1,45,790 |
| भोपाल | ₹1,45,690 |
| पटना | ₹1,45,690 |
| लखनऊ | ₹1,45,790 |
| रायपुर | ₹1,45,640 |
| अहमदाबाद | ₹1,45,690 |
सोर्स: goodreturns 11 जून 2026
ऑलटाइम हाई से ₹31 हजार गिरी सोना
इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 31 हजार रुपए सस्ता हो चुका है।
वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 133 दिन में चांदी 1.52 लाख रुपए सस्ती हो गई है।
सोना 133 दिन में ₹31 हजार और चांदी ₹1.52 लाख सस्ती
| तारीख | सोने की कीमत | चांदी की कीमत |
| 29 जनवरी | ₹1,76,121 | ₹3,85,933 |
| 31 जनवरी | ₹1,65,795 | ₹3,39,350 |
| 28 फरवरी | ₹1,50,997 | ₹2,66,700 |
| 31 मार्च | ₹1,46,733 | ₹2,30,135 |
| 30 अप्रैल | ₹1,50,263 | ₹2,40,331 |
| 31 मई | ₹1,56,463 | ₹2,63,350 |
| 11 जून | ₹1,45,584 | ₹2,33,540 |
सोर्स: IBJA
गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा
आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:
- कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे।
- प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।
