चित्रकूट ऑडिटोरियम ढहा, डीएम हुए सख्त:बोले- गुणवत्ता से समझौता नहीं, 20 दिन में मरम्मत के निर्देश दिए


चित्रकूट मुख्यालय में नवनिर्मित ऑडिटोरियम तेज आंधी के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मंगलवार को आई आंधी के बाद बुधवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त ऑडिटोरियम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने ऑडिटोरियम की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदाई संस्था के प्रतिनिधियों को कड़ी हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी निर्माण कार्य उच्च मानकों के साथ पूरे किए जाएं। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के समय सचिव विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और कार्यदाई संस्था के परियोजना प्रबंधक भी उपस्थित थे। तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जिलाधिकारी ने क्षतिग्रस्त ऑडिटोरियम की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्था के परियोजना प्रबंधक को यह भी निर्देश दिया कि ऑडिटोरियम के क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण और मरम्मत कार्य 20 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा न होने या जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित परियोजना प्रबंधक और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निरीक्षण और जांच समिति के गठन के बाद ऑडिटोरियम निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच की उम्मीद बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें समिति की रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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