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देवरिया में नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या-12 रामगुलाम टोला में हुए विवाद को लेकर सभासद प्रियंका वर्मा और नामित सदस्य अजय सिंह आमने-सामने आ गए हैं। सभासद द्वारा लगाए गए अभद्रता, मारपीट और धमकी देने के आरोपों पर अजय सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सभासद प्रियंका वर्मा ने आरोप लगाया था कि नामित सदस्य अजय सिंह ने उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में उन्होंने पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। अजय सिंह ने कहा कि घटना के समय वह अपने भाई विजय सिंह के साथ क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की मरम्मत का कार्य करा रहे थे। उनके अनुसार, उसी दौरान सभासद प्रियंका वर्मा और उनके पति मौके पर पहुंचे और उनके भाई के साथ कथित रूप से गाली-गलौज करने लगे। अजय सिंह का दावा है कि विवाद बढ़ने पर उनके भाई विजय सिंह के साथ मारपीट भी की गई, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। बीच-बचाव करने पर विवाद में घसीटने का आरोप अजय सिंह ने कहा कि जब उन्होंने स्थिति को शांत कराने और बीच-बचाव का प्रयास किया, तो उन्हें भी विवाद में शामिल कर लिया गया। उनका आरोप है कि अब उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला प्रतिनिधि होने के कारण सभासद के पक्ष में एकतरफा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जबकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। निष्पक्ष जांच की मांग नामित सदस्य ने प्रशासन और पुलिस से मांग की कि मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वह दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन निर्णय दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लिया जाए। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति अजय सिंह ने यह भी कहा कि अब तक उनके पक्ष को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है। वहीं, दोनों पक्षों ने पुलिस से न्याय की मांग की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस व प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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देवरिया में सभासद और नामित सदस्य के बीच विवाद:प्रियंका वर्मा के आरोपों पर दिया जवाब; बोली- दोनों पक्षों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर हो कार्रवाई