कमलेश बिंद एनकाउंटर पर अफजाल अंसारी ने उठाए सवाल:गाजीपुर में बोले- बिहार से पकड़कर फर्जी मुठभेड़ में मारा गया, सीबीआई जांच हो


गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने रविवार को कमलेश बिंद के परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले पर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। मीडिया से बातचीत में अफजाल अंसारी ने दावा किया कि कमलेश बिंद को बिहार से पकड़कर लाया गया था और बाद में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि यदि परिजन हिरासत में लेकर मारपीट करने और बाद में एनकाउंटर किए जाने का आरोप लगा रहे हैं, तो इन आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने की मांग सांसद ने कहा कि कमलेश बिंद के भाई की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड, पुलिस मुठभेड़ और गांव में हुई कथित पुलिस कार्रवाई, तीनों मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की। अफजाल अंसारी का कहना था कि केवल औपचारिक मजिस्ट्रियल जांच से लोगों का भरोसा नहीं बनेगा। निष्पक्ष जांच के जरिए ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है। गांव में पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल सांसद ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर के बाद पुलिस ने गांव में घरों में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि कमलेश की पत्नी, मां और दादी के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं तो उनकी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके। हत्या और जांच के तरीकों पर भी सवाल अफजाल अंसारी ने होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जिस होटल में हत्या हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगे थे और पुलिस को घटना से पहले कोई खुफिया सूचना क्यों नहीं मिली। उन्होंने कथित “कटरा गैंग” के अस्तित्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई संगठित गिरोह सक्रिय था, तो पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं थी। कानून के तहत हो कार्रवाई: अफजाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस मुठभेड़ों को ही समाधान के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार न्यायपालिका के पास है और कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सभी तथ्यों को सामने लाकर लोगों के बीच पैदा हुए सवालों का जवाब दिया जा सके।

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