उवैस चौधरी | इटावा3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

इटावा पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अजीत यादव ने आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह पुलिस लाइन स्थित बास्केटबॉल मैदान में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, जबकि सूचना मिलने पर परिवार में मातम छा गया।
बताया जा रहा है कि अजीत यादव वर्ष 2005 बैच के सिपाही थे और मूल रूप से कानपुर देहात के निवासी थे। शनिवार सुबह उनका शव पुलिस लाइन के बास्केटबॉल मैदान में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।



आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। वहीं परिवार भी इस घटना से स्तब्ध है और किसी कारण का अंदाजा नहीं लगा पा रहा है।
मृतक के भाई अरविंद यादव भी इटावा में दरोगा के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि आखिर अजीत यादव ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसकी कोई जानकारी परिवार को नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार सदमे में है और किसी भी संभावित कारण को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।

अजीत यादव का परिवार लंबे समय से पुलिस और विधिक सेवाओं से जुड़ा रहा है। परिवार में पांच भाई हैं, जिनमें एक भाई वकालत के पेशे से जुड़े हैं, जबकि बाकी भाई पुलिस सेवा में कार्यरत हैं। अजीत यादव वर्ष 2005 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे और अपनी सेवाएं दे रहे थे।
अपने पीछे अजीत यादव पत्नी, एक बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं। वह अपने परिवार के साथ पुलिस लाइन स्थित आवास में रहते थे। उनकी असामयिक मौत से न केवल परिवार बल्कि पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही घटना के कारणों को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।
