कानपुर हत्या मामला: मुख्य आरोपी शुभम गिरफ्तार:किशनपुर गांव में 3 जून की रात हुई हत्या का खुलासा


कानपुर के थाना महाराजपुर क्षेत्र के किशनपुर गांव में हुए चर्चित कालीशंकर हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या किसी पुरानी रंजिश या लूटपाट के लिए नहीं, बल्कि आरोपी के अनुसार उसकी मां के अपमान का बदला लेने के लिए की गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा बरामद कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि बुधवार रात किशनपुर गांव स्थित शिव मंदिर के बाहर कालीशंकर गंभीर रूप से घायल अवस्था में खून से लथपथ पड़े मिले थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई थी और पुलिस ने चार टीमें लगाकर जांच शुरू कर दी थी। मृतक की बड़ी बेटी निशा की तहरीर पर सूरज, शुभम, सरदार, रविंद्र, रामपाल, गामा और बेचेलाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और पूछताछ के आधार पर मुख्य आरोपी शुभम को गिरफ्तार कर लिया। मां को गाली देने का था गुस्सा, मन में पल रहा था बदला
– पुलिस पूछताछ में आरोपी शुभम ने बताया कि कालीशंकर गांव की महिलाओं पर गलत नजर रखता था। उसकी मां को भी वह अक्सर घूरता था और अभद्र व्यवहार करता था। आरोपी के अनुसार, 1 जून को कालीशंकर अश्लील गाने बजा रहा था, जिसका उसने विरोध किया। इस बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान कालीशंकर ने उसकी मां और पिता को लेकर गंदी-गंदी गालियां दी थीं। उसी दिन से उसने कालीशंकर को सबक सिखाने और उसकी हत्या करने का मन बना लिया था। 3-4 दिन में तुझे मार डालूंगा, धमकी के बाद रची हत्या की साजिश
– पूछताछ में आरोपी ने बताया कि विवाद के दौरान उसने कालीशंकर को 3-4 दिन के भीतर जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसके बाद वह लगातार मौके और समय की तलाश में था। 3 जून की रात उसने अपनी योजना को अंजाम देने का फैसला किया। आरोपी फावड़ा लेकर घर से निकला और उसे छिपाकर अंधेरा होने का इंतजार करने लगा। रात करीब 9 बजे जब कालीशंकर घर से निकलकर शिव मंदिर की ओर पहुंचे तो शुभम भी उनका पीछा करते हुए वहां पहुंच गया। मंदिर के बाहर सन्नाटे में बरसाए वार
– पुलिस के अनुसार, मंदिर परिसर के आसपास सन्नाटा देखकर आरोपी ने पीछे से हमला कर दिया। पहला वार लगते ही कालीशंकर गंभीर रूप से घायल हो गए और जान बचाने के लिए भागने लगे। इसी दौरान आरोपी ने फावड़े से उनकी गर्दन पर जोरदार वार कर दिया। गर्दन पर गहरा घाव लगने से उनकी श्वास नली कट गई और वह मंदिर के बाहर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। खून ज्यादा बहने से उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। इसके बाद आरोपी ने गांव से 50 मीटर दूरी पर गंगा किनारे फावड़ा छिपाकर फरार हो गया था। देवरानी ने देखा खून से सना शव, मचा हड़कंप
– मृतक की पत्नी किसाना के अनुसार, जब उनकी देवरानी रामदुलारी मंदिर पहुंचीं तो कालीशंकर को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। यह दृश्य देखते ही गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल कांशीराम अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही कालीशंकर ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी शुभम की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा बरामद कर लिया है। वहीं, मुकदमे में नामजद अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। डीसीपी सत्यजीत गुप्ता का कहना है कि विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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