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KGMU में जटिल सर्जरी करने वाले डॉ.जेडी रावत और उनकी टीम।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने रोबोटिक तकनीक की मदद से 11 साल के बच्चे की दुर्लभ और जटिल बीमारी का सफल इलाज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कानपुर के पडीलालपुर निवासी गौरव लंबे समय से ‘कोलेडोकल सिस्ट’ नामक जन्मज
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पित्त नलिका की गंभीर समस्या बनी थी चुनौती जांच में पता चला कि गौरव की पित्त नलिका असामान्य रूप से फूल चुकी थी, जिससे भविष्य में गंभीर जटिलताओं का खतरा था। विशेषज्ञों ने बच्चे की स्थिति का आकलन करने के बाद रोबोटिक सर्जरी का निर्णय लिया, जिसे इस तरह के मामलों में अत्याधुनिक और सुरक्षित तकनीक माना जाता है।
रोबोटिक तकनीक से हुआ जटिल ऑपरेशन पीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.जेडी रावत ने बताया कि 26 मई को रोबोटिक विधि से ऑपरेशन कर क्षतिग्रस्त पित्त नलिका को हटाया गया। साथ ही लिवर से आंत तक पित्त के प्रवाह के लिए नया मार्ग तैयार किया गया। रोबोटिक तकनीक की वजह से बेहद छोटे चीरे लगाने पड़े, जिससे ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग और बाद में होने वाला दर्द काफी कम रहा।
तेजी से स्वस्थ हुआ बच्चा सर्जरी के बाद गौरव की सेहत में लगातार सुधार हुआ। डॉक्टरों की निगरानी में उसकी रिकवरी उम्मीद से बेहतर रही और 4 जून को उसे पूरी तरह स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिवार ने सफल उपचार के लिए चिकित्सा टीम का आभार जताया।
कम खर्च में मिल रही अत्याधुनिक सुविधा केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मरीजों को अपेक्षाकृत कम खर्च में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे प्रदेश के मरीजों को बड़े महानगरों का रुख करने की जरूरत कम हो रही है।
विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिका इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. जे.डी. रावत, डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. कृति पटेल और डॉ. कृतिका की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नर्सिंग स्टाफ में रीता, संजय और रिंकेश ने सहयोग किया, जबकि एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. आयुषी बग्गा ने ऑपरेशन के दौरान अहम जिम्मेदारी संभाली।