![]()
बलिया में तीन दिनों की मामूली राहत के बाद एक बार फिर भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है। लोग तेज धूप से बचने के लिए छांव की तलाश करते नजर आ रहे हैं। इस गर्मी से महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और मजदूर वर्ग के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन लोगों को यह 44 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस हुआ। दोपहर के समय मजदूर काम छोड़कर गर्मी से राहत पाने के लिए छांव में बैठे दिखे। गिट्टी-बालू का काम करने वाले मजदूर झाबर ने बताया कि धूप इतनी तेज है कि काम करना मुश्किल हो गया है, इसलिए वे दहताल किनारे एक मंदिर में बैठे हैं। एक अन्य मजदूर ने कहा कि सुबह 8-9 बजे से ही तेज धूप हो जा रही है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। राजमिस्त्री भी बार-बार काम छोड़कर छांव में आने को मजबूर हैं। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल बुधवार को न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बुधवार सुबह तेज धूप निकली जो लगातार और तेज होती गई, जिससे 9 बजे तक लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। गर्मी का प्रभाव इतना अधिक है कि लोग घर से बाहर निकलने से हिचकिचा रहे हैं। सड़कों पर आवागमन कम हो गया है, खासकर दोपहर में दोपहिया वाहनों की संख्या घट गई है। लोग गमछा और टोपी सिर पर लगाकर ही बाहर निकल रहे हैं। लंबी दूरी की सड़कों पर लोग पेड़ों के नीचे सुस्ताते हुए देखे गए। पशु-पक्षी भी इस तीखी धूप और प्रचंड गर्मी से बेहाल नजर आ रहे हैं। तन झुलसाती गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरबूज, खीरा, सत्तू, बेल का शरबत, आम का पन्ना और ग्लूकोज जैसे पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। ऐसी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है।
Source link
बलिया में भीषण गर्मी का प्रकोप:तापमान 39 डिग्री तक पहुंचा, घरों से निकलना हो रहा मुश्किल